महाराष्ट्र: 52 से ज्यादा हत्याओं का जिम्मेदार; सिर पर 9 लाख का इनाम, अब कुख्यात विलास कोल्हा ने किया सरेंडर

महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में कुख्यात इनामी नक्सली विलास उर्फ दसरू कोल्हा (Naxali Vilas Kolha) ने गढ़चिरौली पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।

Naxali Vilas Kolha

कुख्यात नक्सली विलास कोल्हा ने किया सरेंडर।

महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में कुख्यात इनामी नक्सली विलास उर्फ दसरू कोल्हा (Naxali Vilas Kolha) ने गढ़चिरौली पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। इस खूंखार नक्सली ने AK47 और कारतूस के साथ आत्मसमर्पण किया। महाराष्ट्र पुलिस के लिए यह एक बड़ी कामयाबी है। बता दें कि विलास कोल्हा उत्तर गढ़चिरौली विभाग का कमांडर इन चीफ था। गढ़चिरौली जिले में जितनी भी नक्सली वारदातें हुई हैं, उनके पीछे कोल्हा का ही हाथ रहा है। गढ़चिरौली के एसपी शैलेश बलकवड़े ने यह जानकारी दी। विलास कोल्हा गढ़चिरौली जिले के एटापल्ली का रहने वाला रहने वाला है। विलास कोल्हा साल 2000 से नक्सली गतिविधियों में शामिल हुआ था।

Naxali Vilas Kolha
कुख्यात नक्सली विलास कोल्हा ने किया सरेंडर। (सांकेतिक तस्वीर)

इन वारदातों में रहा है शामिल:  बता दें, विलास कोल्हा पर 147 मामले दर्ज हैं, जिसमें 30 मामले हत्या के और 40 मामले पुलिस के साथ मुठभेड़ के हैं। मरकेगाव और हत्तीगोटा भुसुरंग विस्फोट में विलास कोल्हा (Naxali Vilas Kolha) का हाथ था। इस नक्सली (Naxali) हमले में 29 जवान शहीद हुए थे। 1 मई, 2019 को कुरखेडा में हुए ब्लास्ट में भी विलास कोल्हा का हाथ था। इस हमले में 16 पुलिस जवान शहीद हुए थे। इसके अलावा एक और नक्सली वारदात जिसमें 7 पुलिसकर्मी शहीद हुए थे, उसमें भी विलास शामिल था।

साढ़े 9 लाख का इनाम घोषित है: पुलिस के अनुसार, विलास कोल्हा (Naxali Vilas Kolha) पर 9.50 लाख रूपये का इनाम घोषित था। नक्सली विलास कोल्हा (Naxali Vilas Kolha) के आत्मसमर्पण से महाराष्ट्र पुलिस को काफी राहत मिली है। जानकारी के मुताबिक, नक्सली संगठन के बड़े नेताओं द्वारा आदिवासी समुदाय की महिलाओं के शोषण से वह काफी आहत था। इसके अलावा संगठन के सदस्यों के शोषण से भी वह परेशान हो चुका था। यही वजह है कि विलास ने आत्मसमर्पण करने का फैसला किया।

एक साल में 26 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण: बता दें गढ़चिरौली पुलिस को नक्सली गतिविधियों पर लगाम लगाने में काफी हद तक कामयाबी मिली है। हाल के दिनों में अबूझमाड़ सहित कई नक्सली ठिकानों पर पुलिस ने कार्रवाई की है, जिससे नक्सलियों पर काफी दबाव बना है। यही वजह है कि एक साल में नक्सलियों के चार डिवीजन कमिटी सदस्य, 2 कमांडर और 2 उपकमांडर सहित 26 सक्रिय नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया है।

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