Sirf Sach Exclusive: अगवा किए गए नक्सली को नक्सलियों ने जिंदा छोड़ा, रखी ये शर्त

नक्सलियों (Naxalites) ने अपने कमांडर और कुख्यात नक्सली नुनुचंद महतो को अगवा कर लिया था। इसके बाद उसके जिंदा बचने की गुंजाइश बहुत कम थी।

PLFI

सांकेतिक तस्वीर।

Sirf Sach Exclusive: नक्सलियों (Naxalites) के पास रहम नाम की कोई चीज नहीं है। पर, यह पहली बार हुआ है जब अपने ही नक्सली साथी को अगवा कर ले गए नक्सलियों  के शीर्ष नेताओं ने अपने पूर्व जोनल कमांडर को सशर्त रिहा कर दिया है। दरअसल, नक्सलियों ने अपने कमांडर और झारखंड में कुख्यात नक्सली नुनुचंद महतो को अगवा कर लिया था।

अगवा किए जाने के बाद लोगों का कहना था कि अब नुनुचंद महतो जिंदा नहीं बचेगा। क्योंकि नक्सलियों का इतिहास रहा है कि जब भी नक्सली किसी पुराने नक्सली को उठाकर ले जाते हैं तो चौक-चौराहे या सार्वजनिक स्थल पर रात के अंधेरे में उसका सिर कलम कर देते हैं। हालांकि, इस बार ऐसा नहीं हुआ है। कुख्यात नक्सली कमांडर (Naxali Commander) नुनुचंद महतो को नक्सलियों (Naxals) ने जिंदा छोड़ दिया।

जानकार सूत्रों के अनुसार, नुनुचंद ने संगठन (Naxal Organization) को भरोसा दिलाया है कि वह समानांतर संगठन नहीं चलाएगा। संगठन में लंबे समय तक काम करने के कारण उसके साथ यह रहम दिखाया गया है। बताया जाता है कि लेवी के पैसे और संगठन की एक महिला से रिश्ते को लेकर नुनुचंद महतो ने संगठन से बगावत कर ली थी। इसके बाद उसे संगठन से निकाल दिया गया।

इसके बावजूद वह अपने पुराने करीबी साथी नक्सलियों (Naxalites) के गढ़ में उनके समानांतर सक्रिय संगठन चलाने लगा। जो बाकी नक्सलियों को नागवार गुजर रहा था। इसमें एक महिला नक्सली कमांडर भी उसका साथ दे रही थी। बताया जा रहा है कि गिरिडीह जिले के हरलाडीह और खुखरा थाना क्षेत्र, धनबाद जिले के टुंडी और मनियाडीह के साथ-साथ राजगंज थाना क्षेत्र में भी नुनुचंद महतो लेवी वसूलने लगा था।

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इस वजह से संगठन के पास लेवी की रकम नहीं पहुंच पा रही थी। संगठन में नुनुचंद के खिलाफ रोष और भी बढ़ गया। नक्सली संगठन के शीर्ष नेताओं ने उसे समझाया, पर नुनुचंद महतो ने संगठन की बातों को अनसुना कर दिया। इसके बाद, 22 अगस्त को नक्सलियों ने नुनुचंद महतो को खुखरा से अगवा कर लिया।

बताया जा रहा है कि नुनुचंद के करीबी नक्सली (Naxali) श्याम मुर्मू का भी साथ इसे मिल रहा था। श्याम मुर्मू संगठन का बड़ा नक्सली है। वह बड़े नक्सली नेताओं का करीबी है। साथ ही जो महिला नक्सली (Woman Naxali) नुनुचंद का साथ दे रही है, वह भी कई शीर्ष नक्सली नेताओं के चहेती है। यही वजह है कि अगवा करने के बाद भी नक्सलियों ने नुनुचंद महतो को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया।

हालांकि, कहा तो यह जा रहा है कि नुनुचंद महतो को पारसनाथ जॉन के नक्सलियों (Naxalites) द्वारा सशर्त जिंदा छोड़ दिया गया। साथ ही चेतावनी भी दी गई है। बता दें कि नुनुचंद महतो के ऊपर गिरिडीह और धनबाद जिले में लगभग चार दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। सरकार ने इस पर 25,00,000 का इनाम घोषित कर रखा है।

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पीरटांड़ स्थित इसके घर भीलवाड़ा में चल और अचल संपत्ति भी जब्त की जा चुकी है। फिलहाल, नुनुचंद महतो, अजय महतो सहित अन्य नक्सली पुलिस की रडार पर भी हैं। इनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने जबरदस्त अभियान चला रखा है। जल्द ही ये नक्सली (Naxalites) कानून की गिरफ्त में होंगे।

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