झारखंड: प्यार के आगे झुका खूंखार नक्सली कमांडर, प्रेमिका के साथ किया सरेंडर

झारखंड (Jharkhand) के पलामू (Palamu) जिले के प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादी के टॉप कमांडर और 25 लाख के इनामी नक्सली (Naxali Commander) विमल उर्फ राधे श्याम यादव ने सरेंडर कर दिया है।

Naxalites Surrender

सांकेतिक तस्वीर।

नक्सली कमांडर (Naxali Commander) विमल यादव को छत्तीसगढ़ के पिपरढ़ाब की रहने वाली एक महिला से प्यार हो गया। प्यार के सामने झुककर विमल यादव कुछ दिनों पहले ही संगठन से भाग गया था।

झारखंड (Jharkhand) के पलामू (Palamu) जिले के प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादी के टॉप कमांडर और 25 लाख के इनामी नक्सली (Naxali Commander) विमल उर्फ राधे श्याम यादव ने सरेंडर कर दिया है। विमल ने रांची में सरेंडर किया है। सुरक्षा एजेंसियां विमल को गुप्त ठिकाने पर रखकर पूछताछ की जा रही है।

जानकारी के मुताबिक, विमल यादव बिहार के जहानाबाद जिले का रहने वाला है। माओवादी के टॉप कमांडर अरविंद जी उर्फ देवकुमार सिंह के मरने के बाद बूढ़ा पहाड़ के इलाके में विमल यादव माओवादियों का सबसे बड़ा कमांडर था। अरविंद की मौत के बाद सुधाकरण को बूढ़ा पहाड़ का कमांडर बनाया गया था।

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लेकिन सुधाकरण ने तेलंगाना में आत्मसमर्पण कर दिया था। जिसके बाद विमल ने बूढ़ा पहाड़ की कमान संभाली थी। लेकिन फिर कुछ ऐसा हुआ कि विमल की जगह बूढ़ा पहाड़ इलाके की कमान मिथिलेश मेहता को दे दी गई।

दरअसल, नक्सली कमांडर (Naxali Commander) विमल यादव को छत्तीसगढ़ के पिपरढ़ाब की रहने वाली एक महिला से प्यार हो गया। प्यार के सामने झुककर विमल यादव कुछ दिनों पहले ही संगठन से हथियार के साथ भाग गया था। वह लगातार सरेंडर करने की कोशिश कर रहा था। मौका मिलते ही अपनी प्रेमिका के साथ विमल यादव ने रांची में सरेंडर कर दिया।

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बता दें कि नक्सलियों ने साल 2013-14 से बूढ़ा पहाड़ के इलाके को अपना यूनिफाइड कमांड बनाया था। इसके बाद से ही विमल यादव बूढ़ा पहाड़ इलाके में सक्रिय रहा। पलामू, गढ़वा और लातेहार जिले में विमल यादव के खिलाफ नक्सली हमले, हत्या जैसे 3 दर्जन से अधिक मामलों में शामिल रहने का आरोप है।

साल 2011 में लातेहार में चतरा सांसद के काफिले पर हुए हमले में 11 जवान शहीद हो गए थे, इस हमले में भी विमल यादव का हाथ था। वहीं, साल 2012-13 में कटिया में नक्सली हमला हुआ था, इसमें 17 जवान शहीद हुए थे। इस वारदात के पीछे भी विमल ही था।

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इसके अलावा, साल 2013-14 में गढ़वा के भंडरिया थाना प्रभारी पर नक्सलियों ने हमला किया था। इस हमले में थाना प्रभारी सहित 12 जवान को शहीद हुए थे। इसके बाद साल 2018-19 में बूढ़ा पहाड़ के इलाके में हमला हुआ था, जिसमें 6 जवान शहीद हुए थे। इन हमलों का मास्टरमाइंड विमल यादव ही था।

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