सरेंडर कर बन गया सिपाही, खुशहाल जिंदगी देख नक्सली भाई और उसकी पत्नी ने भी डाले हथियार

एक पुलिस वाले की जिंदगी से प्रेरणा पाकर दो नक्सलियों ने हथियार डाल दिए। खास बात यह है कि यह पुलिस वाला भी पहले नक्सली ही था और जिन नक्सलियों ने जिंदगी की बदलती सूरत को देख कर सरेंडर किया है वो उनके भाई-भाभी थे।

Jagdalpur

इनामी नक्सल कपल ने डाले हथियार।

एक पुलिस वाले की जिंदगी से प्रेरणा पाकर जगदलपुर (Jagdalpur) के दो नक्सलियों ने हथियार डाल दिए। खास बात यह है कि यह पुलिस वाला भी पहले नक्सली ही था और जिन नक्सलियों ने जिंदगी की बदलती सूरत को देख कर सरेंडर किया है वो उनके भाई-भाभी थे।

यह दिलचस्प कहानी जगदलपुर (Jagdalpur) की है। जगदलपुर (Jagdalpur) तथा आस-पास के इलाकों में खौफ का पर्याय बन चुके नक्सली राहुल और उसकी पत्नी मंजू ने हाल ही में पुलिस के सामने आकर सरेंडर कर दिया। नक्सलवाद के रास्ते पर चलते हुए पति-पत्नी ने अब तक कई गंभीर गुनाह किये। लेकिन अब यह जोड़ा गुनाह के रास्ते पर नहीं बल्कि मुख्यधारा के साथ चलना चाहता है। राहुल और उसकी पत्नी के सिर पर प्रशासन ने पहले से ही 6-6 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।

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पति-पत्नी पिछले कई सालों से जगदलपुर (Jagdalpur) के बीहड़ों में एक खौफनाक जिंदगी गुजार रहे थे। राहुल की पत्नी काफी अरसे से बीमार थी लेकिन बावजूद इसके यह दोनों इन जंगलों में नक्सलियों का चोला पहन दर-दर भटकने को मजबूर थे। राहुल का भाई भी पहले नक्सली ही था और अपने भाई के साथ वो भी संगठन के लिए काम करता था। लेकिन सरकार की आत्मसमर्पण नीति और जिंदगी को नई तरह से जीने की ललक ने राहुल के भाई को एक दिन मुख्यधारा में ला दिया। मुख्यधारा में आते ही राहुल के भाई ने कड़ी मेहनत की और आज वो एक पुलिस वाला बन चुका है।

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भाई को मिली नई जिंदगी ने राहुल को काफी प्रोत्साहित किया। धीरे-धीरे नक्सलियों की जिंदगी उसे भी खटकने लगी और आखिरकार उसने बीते गुरुवार (22 अगस्त, 2019) को जगदलपुर में सरेंडर करने का फैसला कर लिया। समर्पण करने के बाद इस दंपत्ति को तात्कालिक रूप से दस-दस हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि दी गई। आत्मसमर्पण के बाद इस दंपत्ति को उम्मीद है कि अब उनकी जिंदगी एक नई दिशा में चलेगी और बीते दिनों की काली यादें वक्त के साथ-साथ धुंधली पड़ जाएंगी।

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