नक्सलियों के चंगुल में फंसी थी बुजुर्ग, महिला कमांडो ने बचाई जान, 8 किमी पैदल चलकर पहुंचाया हॉस्पिटल

Naxalites News: अगर एक महिला ठान ले तो अपने हौसले से बड़ी से बड़ी परेशानी का सामना कर सकती है। ऐसा ही एक मामला छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा से सामने आया है।

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शुक्रवार सुबह नक्सलियों (Naxalites) के प्रेशर बम से हुए विस्फोट में एक बुजुर्ग दंपति घायल हो गए थे। पति को तो इलाज मिल गया लेकिन पत्नी कोसी को नक्सलियों ने बंधक बना लिया था। इसके बाद महिला कमांडो ने इस बुजुर्ग महिला की जान बचाई।

दंतेवाड़ा: कहते हैं कि अगर एक महिला ठान ले तो अपने हौसले से बड़ी से बड़ी परेशानी का सामना कर सकती है। ऐसा ही एक मामला छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा से सामने आया है। यहां महिला कमांडो ने अपनी जान पर खेलकर नक्सलियों (Naxalites) के चंगुल से एक बुजुर्ग महिला को छुड़वाया और उनकी जान बचाई। आज इन महिला कमांडो के हौसले को हर कोई सलाम कर रहा है।

दरअसल शुक्रवार सुबह नक्सलियों (Naxalites) के प्रेशर बम से हुए विस्फोट में एक बुजुर्ग दंपति घायल हो गए थे। पति को तो इलाज मिल गया लेकिन पत्नी कोसी को नक्सलियों ने बंधक बना लिया था। इसके बाद महिला कमांडो ने इस बुजुर्ग महिला की जान बचाई। दंतेवाड़ा के एसपी डॉ अभिषेक पल्लव ने बताया कि महिला कमांडो ने बहादुरी के साथ बुजुर्ग महिला को नक्सलियों के चंगुल से छुड़ाया।

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नक्सलियों ने बुजुर्ग महिला को छुड़ाने की बहुत कोशिश की, और उन्हें कई घरों में छुपाया लेकिन महिला कमांडो ने इस महिला की जान बचा ली।

बुजुर्ग महिला को नक्सलियों से छुड़ाने वाली महिला कमांडो का नाम लक्ष्मी और विमला है। ये दोनों पहले नक्सली थीं, लेकिन बाद में सरेंडर करके डीआरजी में कमांडो बन गईं। इन दोनों ने ही 2 दिन पहले आईईडी को डिफ्यूज किया था। राज्य के सीएम भूपेश बघेल भी इनकी तारीफ कर चुके हैं।

इन दोनों महिला कमांडो ने बुजुर्ग कोसी को न केवल नक्सलियों के चंगुल से छुड़ाया बल्कि पैदल 8 किलोमीटर चलकर अस्पताल भी पहुंचाया।

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