Coronavirus: कोरोना से लड़ने के लिए एक नक्सली कर रहा पुलिस की मदद, जानें कैसे…

कभी नक्सलियों (Naxals) के साथ मिलकर पुलिस पर गोली चलाने वाला लक्खा अब कोरोना (Coronavirus) जैसी महामारी से लड़ने में अपना योगदान दे रहा है।

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कभी पुलिस का सबसे बड़ा दुश्मन रहा लक्खा अब कोरोना (Coronavirus) जैसी महामारी से लड़ने में अपना योगदान दे रहा है। कोरोना संकट के बीच नक्सल प्रभावित छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में लक्खा अब पुलिस जवानों के लिए मास्क बना रहा है। नक्सलियों की खोखली विचारधारा को छोड़कर कुछ दिन पहले ही वह समाज की मुख्यधारा में लौटा है।

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पुलिस के लिए मास्क बनाता लक्खा।

आज आत्मसमर्पित मड़कम लक्खा इंसानियत की मिसाल पेश कर रहा है। वह पुलिस कर्मियों को कोरोना (Coronavirus) के संक्रमण से बचाने के लिए कपड़े का मास्क तैयार कर रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कोरोना वायरस को रोकने के लिए मड़कम लक्खा का यह योगदान सराहनीय है।

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नक्सली करते थे शोषण: सुकमा पुलिस ने लक्खा के काम को लेकर एक स्लोगन तैयार किया है। इसमें कहा गया है- ‘सलाम है इनके जज्बे को क्योंकि सोच बदलेगी तो सुकमा बदलेगा।’ सुकमा एसपी शलभ सिन्हा ने बताया कि लक्खा को नक्सली गलत कामों में इस्तेमाल करते थे। वे उसका शोषण करते थे। इससे परेशान होकर उसने नक्सलियों (Naxals) का साथ छोड़ दिया और पुलिस के सामने अत्मसमर्पण कर दिया।

बचपन में ही नक्सली संगठन में हो गया था शामिल: नक्सल संगठन से तंग आकर मड़कम लक्खा ने आत्मसमर्पण किया था, उसके बाद वो पुलिस के लिए काम कर रहा है। जब उसे पता चला कि बाजार में मास्क की कमी है तो वो पुलिस लाइन में मास्क बनाने लगा और जवानों को बांटना शुरू किया। लक्खा की इस पहल की हर कोई तारीफ कर रहा है। बता दें कि 1998 में लक्खा नक्सल संगठन में बाल संगम के रूप में शामिल हुआ था। कई साल तक नक्सलियों के लिए काम किया, लेकिन बाद में संगठन से परेशान होकर पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया।

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‘इस लड़ाई में अपना योगदान दे रहा हूं’: कोरोना वायरस की इस जंग में पुलिस सबसे सामने आकर लड़ रही है। हर कोई इस जंग में अपना अपना योगदान दे रहा है। जिले में मास्क की कमी के बारे में लक्खा को पता चला तो उसने पुलिस लाइन में मास्क बनाना शुरू कर दिया। अब वह पुलिस कर्मियों के लिए कोरोना (Coronavirus) जैसे बीमारी से बचने के लिए सैकड़ों मास्क खुद तैयार कर रहा है। वह कुछ दिनों से मास्क बना रहा है और उसका उपयोग पुलिसकर्मी और सुरक्षा बल के जवान कर रहे हैं। सरेंडर नक्सली मड़कम लक्खा ने बताया कि वह नक्सली संगठन में नक्सलियों के लिए वर्दी सिलने का काम करता था। लेकिन आज समाज सेवा करने का सौभाग्य मिला है। वह कहता है, “कोरोना की इस लड़ाई में अपना योगदान दे रहा हूं मुझे काफी खुशी मिल रही है।” 

एसपी ने की अपील: एसपी शलभ सिन्हा ने नक्सली कैडर में शामिल आदिवासियों से अपील की है कि वे भी समाज की मुख्यधारा में आएं और अपने जीवन को सार्थक बनाएं। एसपी ने कहा कि मड़कम लक्खा मानवता की मिसाल कायम कर रहा है। बीमारी से बचने के लिए जवानों को नि:शुल्क मास्क उपलब्ध करा रहा है। हर कोई इस बीमारी से लड़ने में समाज का सहयोग करे। अपने अपने घरों में सुरक्षित रहिये और शासन के निर्देशों का पालन करिए।

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