सुकमा में 7 नक्सलियों का सरेंडर, फायरिंग आगजनी जैसी कई वारदातों में रहे हैं शामिल

प्रशासन द्वारा नक्सलियों पर जबरदस्त प्रहार का असर दिखने लगा है। कई बड़े नक्सली (Naxals) या तो घेर कर ढेर कर दिए गए हैं या फिर उन्होंने कानून के डर से सरेंडर कर दिया है। अब सुकमा में एक साथ 7 नक्सलियों ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के सामने घुटने टेक दिए।

Naxals

सुकमा में एक साथ 7 नक्सलियों ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के सामने घुटने टेक दिए।

प्रशासन द्वारा नक्सलियों पर जबरदस्त प्रहार का असर दिखने लगा है। कई बड़े नक्सली (Naxals) या तो घेर कर ढेर कर दिए गए हैं या फिर उन्होंने कानून के डर से सरेंडर कर दिया है। अब सुकमा में एक साथ 7 नक्सलियों ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के सामने घुटने टेक दिए।

सरेंडर करने वाले नक्सलियों में एक महिला नक्सली (Woman  Naxali) भी है। इनमें से कई नक्सली बुर्कापाल में हुई आगजनी सहित और अन्य वारदातों में शामिल रहे हैं। इनमें एक कोंटा एरिया कमेटी इंचार्ज का बॉडीगार्ड भी है। बताया जा रहा है कि इन्होंने सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर सरेंडर किया है।

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सरेंडर करने वाले नक्सलियों (Naxals)  में मुचाकी एंका उर्फ व्यंकटेश, ये सोड़ी केशा, कोंटा एरिया कमेटी इंचार्ज का बॉडीगार्ड था। मुचाकी बांकुपारा और बुर्कापाल में हुई वारदातों में शामिल रहा। इसके साथ कवासी कन्ना, कुंजाम बामून, कट्टम लिंगा, मुचाकी हुंगा, कट्‌टम श्रीनु और कवासी हड़मे ने भी सरेंडर किया है। सभी सुकमा के भेजी थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। ये सभी सुकमा में हुई फायरिंग और आगजनी जैसी अलग-अलग वारदातों में शामिल रहे हैं।

कहा जा रहा है कि सरेंडर करने वाले सभी नक्सली संगठन (Naxal Organization) की खोखली विचारधारा, शोषण, अत्याचार, भेदभाव और हिंसा से आजिज आ चुके थे। इसी वजह से इन नक्सलियों ने प्रशासन के सामने सरेंडर किया है। सरेंडर करने वाले सभी नक्सलियों को पुनर्वास नीति के तहत प्रोत्साहन राशि दी जा रही है।

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आपको याद दिला दें कि इससे पहले मई के महीने में छत्तीसगढ़ के नक्सली इलाके सुकमा में सीआरपीएफ (CRPF) जवानों को बड़ी सफलता मिली थी। उस वक्त सुरक्षा बलों के सामने पति-पत्नी सहित 4 नक्सलियों (Naxals) ने सरेंडर कर दिया था।

सीआरपीएफ एसपी ने उस वक्त बताया था कि गिरफ्तार किए गए 4 नक्सलियों में से पति पर 5 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। जबकि पत्नी के ऊपर 3 लाख रुपये का इनाम घोषित था। एसपी ने बताया था कि इन सभी ने समाज के मुख्यधारा से जुड़ने के लिए सरेंडर किया है।

सरेंडर करने वाले नक्सलियों के बारे में कहा गया था कि नक्सल संगठन में रघु को उच्च पद व परिवार आगे बढ़ाने की अनुमति नहीं मिली। इसके अलावा लगातार जवानों के द्वारा आपरेशन के कारण भी दबाव बढ़ रहा था और शासन की पुनर्वास नीति से भी नक्सली प्रभावित हो रहे हैं। इस वजह से रघु व उसकी पत्नी समेत 4 नक्सलियों (Naxalites) ने विभिन्न माध्यमों से हमसे संर्पक किया उसके बाद इन लोगों ने सरेंडर किया।

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