
सांकेतिक तस्वीर।
लंबे समय से नक्सली (Naxalites) बैकफुट पर हैं, इसलिए वह बौखलाए हुए हैं। पुलिस के दबाव में आकर नक्सल संगठन से जुड़े हुए ग्रामीण सरेंडर कर रहे हैं, वहीं नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में भी जवान लगातार सफल हो रहे हैं। ग्रामीणों के बीच नक्सलियों का जनाधार कम हो रहा है और पुलिस-प्रशासन की पकड़ मजबूत हो रही है।
बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में नक्सली (Naxalites) लगातार पुलिस और प्रशासन के लिए चुनौती बने हुए हैं। नक्सलियों ने 4 ग्रामीणों को जनअदालत लगाकर मौत के घाट उतार दिया है। वहीं 16 ग्रामीण अभी भी नक्सलियों के कब्जे में हैं।
दरअसल बीजापुर जिला मुख्यालय से लगभग 35 किलोमीटर दूर स्थित पुसनार और मेटापाल गांव में बीते 2 दिन पहले नक्सली पहुंचे थे और दोनों गांवों से 26 ग्रामीणों का अपहरण करके उन्हें अपने साथ ले गए।
इसके बाद नक्सलियों ने जनअदालत लगाई और 26 में से 4 ग्रामीणों को मौत का फरमान सुनाया और 4 ग्रामीणों को रिहा कर दिया। नक्सलियों ने हत्या के बाद ग्रामीणों का शव जंगल में फेंक दिया। 16 ग्रामीण अभी भी नक्सलियों के कब्जे में हैं।
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बता दें कि बस्तर में लंबे समय से नक्सली बैकफुट पर हैं, इसलिए वह बौखलाए हुए हैं। पुलिस के दबाव में आकर नक्सल संगठन से जुड़े हुए ग्रामीण सरेंडर कर रहे हैं, वहीं नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में भी जवान लगातार सफल हो रहे हैं।
ग्रामीणों के बीच नक्सलियों का जनाधार कम हो रहा है और पुलिस-प्रशासन की पकड़ मजबूत हो रही है। ऐसे में बौखलाए हुए नक्सली ग्रामीणों के बीच अपनी पकड़ और दहशत को कायम रखने के लिए ग्रामीणों की हत्या कर रहे हैं।
बीते 6 महीने में नक्सलियों ने 36 निर्दोष ग्रामीणों को पुलिस का मुखबिर बताकर हत्या कर दी। ताजा मामला बीजापुर का है, जहां गंगालूर थाना क्षेत्र के पुसनार और मेटापाल से 26 ग्रामीणों का अपहरण किया गया है।
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