दंतेवाड़ा: बौखलाए नक्सलियों का नया पैंतरा, पुलिस के खिलाफ फैला रहे ये अफवाह

नक्सलियों की साख लगातार कमजोर हो रही है और यह बात नक्सलियों (Naxals)को रास नहीं आ रही। नक्सली बौखलाए हुए हैं। इसी बौखलाहट में आकर वे सरकार और प्रशासन के खिलाफ अफवाहें फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।

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सांकेतिक तस्वीर।

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा में पुलिस प्रशासन ने नक्सलियों (Naxals) के खिलाफ जबरदस्त अभियान चला रखा है। नक्सलियों की धर-पकड़ लगातार की जा रही है। इसके अलावा नक्सलियों को मुख्यधारा से जोड़ने की मुहिम भी तेज है। जिले में प्रशासन की ओर से ‘लोन वर्राटू अभियान’ (घर लौटो अभियान) चलाया जा रहा है।

इस अभियान के तहत सरेंडर करने वाले नक्सलियों (Naxalites) को सरकार की पुनर्वास नीतियों का लाभ तो मिलता ही है, साथ ही प्रशासन इनकी जिम्मेदारी भी उठा रहा है। आत्मसमर्पण के बाद प्रशासन उनको मनपसंद रोजगार देने में भी मदद करता है। इसके अलावा, स्थानीय लोगों में जागरुकता भी फैलाई जा रही है।

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आमजन का पुलिस (Police) में विश्वास बढ़ा है। उन्हें नक्सलियों (Naxals) के नापाक मंसूबे समझ में आने लगे हैं। उन्हें समझ आ गया है कि नक्सली इलाके के विकास में सबसे बड़ी बाधा हैं। यही वजह है कि आम लोग भी नक्सलियों के खिलाफ खुलकर सामने आने लगे हैं। वे नक्सलियों के खिलाफ अभियान में पुलिस का साथ दे रहे हैं। 

सरकार और प्रशासन की इन कोशिशों का नतीजा है कि जिले में बीते 2 महीने में 70 से ज्यादा इनामी और छोटे-बड़े नक्सलियों ने सरेंडर कर दिया है। इससे नक्सलियों की साख लगातार कमजोर हो रही है और यह बात नक्सलियों (Naxalites)को रास नहीं आ रही। नक्सली बौखलाए हुए हैं। इसी बौखलाहट में आकर वे सरकार और प्रशासन के खिलाफ अफवाहें फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।

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दरअसल, 10 अगस्त को दंतेवाड़ा में एक पर्चा नक्सलियों (Naxals) ने जारी किया। 22 जुलाई को पोटाली में नक्सलियों ने दो ग्रामीणों की हत्या कर दी थी। नक्सलियों ने पर्चे में इनकी मौत का जिम्मेदार सरकार को बताया है। इस पर्चे में किए गए दावे के मुताबिक, मारे गए लोगों पर नक्सलियों ने पुलिस का मुखबिर होने का आरोप लगाया है।

नक्सलियों के पर्चे में यह भी कहा गया है कि घटना के बाद दंतेवाड़ा एसपी अभिषेक पल्लव ने झूठी जानकारी दी। पुलिस की तरफ से कहा गया था कि नक्सलियों ने अपने ही साथियों को खिलाफत की वजह से मार दिया। नक्सलियों (Naxalites) से इसे लेकर कहा कि मारे गए लोग नक्सली नहीं, पुलिस के मददगार थे।

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इसके अलावा, इस पर्चे में विधायक भीमा मंडावी की मौत का भी जिक्र है। इसमें लिखा गया है कि माओवादियों ने उस घटना को अंजाम दिया था। एनआईए (NIA) आम लोगों को जबरदस्ती गिरफ्तार कर रही है। इस मामले में किसी बादल नाम के व्यक्ति को भी सजा देने की बात पर्चे में लिखी है। यह पर्चा दरभा के नक्सल संगठन के सचिव साईनाथ के नाम पर जारी किया गया है।

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क्या कहा पुलिस ने?

दंतेवाड़ा के एसपी डॉ. अभिषेक पल्लव ने नक्सलियों के आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों हुए सरेंडर्स की वजह से नक्सली परेशान हैं। नक्सल पर्चे में यह भी कहा गया है कि पुलिस लोगों को पैसों का लालच दे रही है। टीचर, बच्चों को पुलिस मोबाइल बांट रही है। इस पर डॉ. पल्लव ने कहा कि यह सकारात्मक बदलाव है। पहले नक्सली (Naxals) पुलिस पर लूटपाट का आरोप लगाते थे, अब मोबाइल बांटने का लगा रहे हैं। यह सकारात्मक बदलाव है।

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