Chhattisgarh: दरभा डिवीजन में सक्रिय इनामी नक्सली ने ओडिशा के मलकानगिरि में किया सरेंडर

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के धुर नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा (Dantewada) जिले में नक्सलवाद (Naxalism) के खिलाफ कामयाबी मिली है। जिले के एक हार्डकोर इनामी नक्सली (Naxali) ने सरेंडर (Surrender) कर दिया है।

Naxalites

सांकेतिक तस्वीर।

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के धुर नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा (Dantewada) जिले में नक्सलवाद (Naxalism) के खिलाफ कामयाबी मिली है। जिले के एक हार्डकोर इनामी नक्सली (Naxali) ने सरेंडर (Surrender) कर दिया है। इस नक्सली ने सीमावर्ती ओडिशा राज्य के मलकानगिरी जिले में आत्मसमर्पण किया।

बता दें कि पुलिस और प्रशासन के बढ़ते दबाव की वजह से इलाके के नक्सली (Naxals) सीमावर्ती ओडिशा, तेलंगाना आदि राज्यों में पलायन कर गए हैं। जानकारी के अनुसार, तीन लाख रुपये के इनामी नक्सली (Naxlites) महादेव ने ओडिशा के मलकानगिरी में 24 अगस्त को आत्मसमर्पण कर दिया।

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दंतेवाड़ा के एसपी डॉ. अभिषेक पल्लव के मुताबिक, नक्सली (Naxali) महादेव करटम उर्फ मानू मुरिया कटेकल्याण के बड़ेगुडरा के कानकीपारा का रहने वाला है। वह दंतेवाड़ा जिले के साथ ही बस्तर और सुकमा जिले में भी नक्सली वारदातों को अंजाम देता था। दरभा डिवीजन के सदस्य महादेव नक्सलियों (Naxals) के स्पेशल जोनल कमेटी सदस्य श्याम उर्फ चैतु का गनमैन है।

वह पूरे दरभा डिवीजन के इलाके में सक्रिय था और कई नक्सली वारदातों में शामिल रहा है। सिंगल शॉटगन रखने वाले नक्सली (Naxali) महादेव पर छत्तीसगढ़ सरकार ने तीन लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा है।

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बता दें कि जिला पुलिस द्वारा तैयार नक्सलियों की सूची के दरभा डिवीजन के प्रेस टीम में उसका भी नाम है। इस संबंध में कटेकल्याण इलाके में लगे फ्लैक्स में भी उसका नाम है। माना जा रहा है कि जिले में पुलिस के ‘लोन वर्राटू अभियान’ (घर वापस आइए अभियान) से प्रभावित होकर महादेव ने ओडिशा जाकर सरेंडर किया है।

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बता दें कि दंतेवाड़ा में प्रशासन ने जून में ‘लोन वर्राटू’ अभियान (घर लौटो अभियान) की शुरुआत थी। इस अभियान के तहत इनामी नक्सलियों के गांवों में उनका पोस्टर बैनर लगाकर उन्हें समाज की मुख्यधारा में वापस लौट आने के लिए कहा जा रहा है। इस अभियान के सकारात्मक नतीजे देखने को मिल रहे हैं। नक्सलियों का लगातार आत्मसमर्पण हो रहा है।

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