मलखंब में महारत हासिल करते नक्सल ग्रस्त इलाके के बच्चे

अभाव भऱी जिंदगी होने के बावजूद गरीब परिवार के ये बच्चे बेहतर खिलाड़ी के रूप में निखर रहे हैं। नक्सल प्रभावित क्षेत्र के इस गांव के बच्चे मलखंब जैसे साहसिक खेल में महारत हासिल कर रहे हैं।

Malkhamb

छठवीं का छात्र निशांत कुमार, आठवीं का नंदलाल कुमार, रोहन कुमार, रवींद्र कुमार, मधुवेंद्र कुमार एवं सातवीं का विवेक कुमार, ये बच्चे औरंगाबाद जिले के अंबा थाना क्षेत्र के हैं। ऐसा क्षेत्र जो नक्सल के साये में है। गांव के इन गरीब बच्चों को भरपेट भोजन भी मुश्किल से नसीब हो पाता है। पर इतनी मुश्किलों के बाद भी इस क्षेत्र के गंगहर गांव के 6 बच्चे पूरे देश में नाम रोशन कर रहे हैं।

अभाव भऱी जिंदगी होने के बावजूद गरीब परिवार के ये बच्चे बेहतर खिलाड़ी के रूप में निखर रहे हैं। नक्सल प्रभावित क्षेत्र के इस गांव के बच्चे मलखंब (Malkhamb) जैसे साहसिक खेल में महारत हासिल कर रहे हैं। सभी बच्चे इसी गांव के सरकारी विद्यालय में पढ़ाई करते हैं। निशांत, नंदलाल, रवींद्र, रोहन, विवेक और मधुवेंद्र का हुनर देखकर धड़कनें रूक जाती हैं। सिर्फ एक साल की मेहनत में इन बच्चों ने राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपना स्थान बनाया है।

विद्यालय के शारीरिक शिक्षक योगेंद्र भूषण बताते हैं कि चुनौती कठिन है। कड़ी मेहनत वाले मलखंब (Malkhamb) खेल के लिए पौष्टिक भोजन बच्चों को मिलना जरूरी है। पर फिर भी इन बच्चों का जुनून कम नहीं होता। योगेंद्र भूषण ने बताया कि निशांत इस खेल में बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। गोवा में आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में शामिल होना था। पर गरीबी इतनी कि घरवाले उसे प्रतियोगिता में भेजने में सक्षम नहीं थे।

फिर निशांत के पिता दुधेश्वर सिंह ने धान बेचकर पुत्र को प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए गोवा भेजा। जहां निशांत ने बेहतर प्रदर्शन किया और पुरस्कार भी जीता। शिक्षक बताते हैं कि विद्यालय में मलखंब (Malkhamb) के बेहतर प्रशिक्षण के लिए सुविधा नहीं है। इसके लिए वे जिला पदाधिकारी से भी मिले थे। जिला पदाधिकारी ने विभागीय अधिकारियों को पत्र लिखकर मदद करने का निर्देश दिया था। लेकिन विभागीय अधिकारियों की ओर से कोई पहल नहीं की जा रही है।

यदि बच्चों को विभाग की ओर से मदद की जाती और उन्हें प्रशिक्षण की थोड़ी बेहतर सुविधाएं भी मिलती तो वे इस क्षेत्र मे बहुत अच्छा करते। योगेंद्र भूषण ने बताया कि इन बच्चों ने नवंबर 2018 में दिल्ली में आयोजित जूनियर राष्ट्रीय प्रतियोगिता में अपने हुनर का प्रदर्शन किया है। 11 जनवरी 2019 को में गोवा हुए सीनियर राष्ट्रीय मलखंब प्रतियोगिता में ये छात्र शामिल हुए थे। सभी ने वहां बेहतर प्रदर्शन किया और पुरस्कार जीता।

यह भी पढ़ें