झारखंड: CRPF का सिविक एक्शन प्रोग्राम, भटके हुए लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने का है उद्देश्य

सामुदायिक पुलिसिंग के तहत सीआरपीएफ (CRPF) की 22वीं बटालियन की ओर से झारखंड के हजारीबाग और चतरा जिले के सीमावर्ती इलाके के अनगडा पंचायत में सिविक एक्शन प्रोग्राम के तहत सामग्री वितरण शिविर का आयोजन किया गया। इसके तहत ग्रामीणों के बीच सोलर लाइट बांटे गए। साथ ही इलाके में स्थित स्कूलों और सामुदायिक भवनों के लिए सीआरपीएफ (CRPF) द्वारा पानी की टंकी भी उपलब्ध कराई गई।

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झारखंड में नक्सल उन्मूलन में CRPF की 22वीं बटालियन की अहम भूमिका रही है।

उत्क्रमित मध्य विद्यालय अनगडा में आयोजित इस कार्यक्रम में बी कंपनी के असिस्टेंट कमांडेंट दुर्गेश कुमार ने एक सौ से अधिक ग्रामीणों के बीच सोलर प्लेट्स के साथ लाइट का वितरण किया। साथ ही कई पानी की टंकी भी बांटी गई। मौके पर ग्रामीणों को संबोधित करते हुए असिस्टेंट कमांडेंट ने कहा कि झारखंड में नक्सल उन्मूलन में सीआरपीएफ (CRPF) की 22वीं बटालियन की अहम भूमिका रही है। चोपेमुहाने का इलाका शुरू से ही नक्सल प्रभावित रहा है।

आज भी इस इलाके में बिजली सर्वसुलभ नहीं है। जिस कारण सीआरपीएफ (CRPF) ने बटालियन के असिस्टेंट कमांडेंट राकेश कुमार सिंह के सहयोग से ग्रामीणों को सोलर लाइट का वितरण किया है, ताकि इस रिमोट एरिया के लोगों को रात में भी परेशानी ना हो। इसके साथ ही स्कूलों में छात्रों की दिक्कतों को देखते हुए आसपास के विद्यालयों में 500 लीटर पानी की टंकी का वितरण भी किया गया। उन्होंने कहा कि सीआरपीएफ (CRPF) आम लोगों की सहयोगी पुलिस है। सीआरपीएफ (CRPF) का मुख्य उद्देश्य भटके हुए लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने का है।

इसके लिए लगातार बल द्वारा प्रयास किया जाता रहा है और ग्रामीणों के साथ आपसी संबंध को मजबूत करने के लिए इस तरह के प्रयास किए जाते रहे हैं। यह प्रयास आगे भी जारी रहेगा। वहीं, मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने कहा कि सीआरपीएफ (CRPF) द्वारा किया जा रहा यह प्रयास बहुत ही सकारात्मक है, जिसका फायदा लोगों को मिलेगा। इस मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ-साथ सीआरपीएफ (CRPF) के जवान, अधिकारी और स्थानीय पुलिस बल के जवान भी मौजूद थे।

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