Jharkhand: नक्सल प्रभावित इलाके की बेटी मनीषा गाड़ रही सफलता के झंडे

इरादा अगर पक्का हो तो सफलता जरूर मिलती है। इसे साबित कर दिखाया है झारखंड (Jharkhand) के गिरिडीह के धुर नक्सलग्रस्त गांव जरूवाडीह की बेटी मनीषा कुमारी ने।

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अपने माता-पिता के साथ मनीषा।

इरादा अगर पक्का हो तो सफलता जरूर मिलती है। इसे साबित कर दिखाया है झारखंड (Jharkhand) के गिरिडीह के धुर नक्सलग्रस्त गांव जरूवाडीह की बेटी मनीषा कुमारी ने। खेल-कूद से लेकर कला, संगीत, भारत स्काउट एंड गाइड में कई पुरस्कारों से सम्मानित मनीषा ने दसवीं कक्षा में 88.2%अंक लाकर अपने विद्यालय के साथ-साथ माता पिता का नाम रौशन किया है। वह आगे आईआईटी में पढ़ाई करना चाहती हैं और उसके बाद आईएएस बनने का इरादा है।

मनीषा कुमारी जरुआडीह के रहने वाले रिझो लाल महतो की छोटी बेटी हैं। वह इंदिरा गांधी बालिका विद्यालय हजारीबाग में पढ़ती हैं। उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत और लगन से कई सफलताएं अपने नाम की हैं। मनीषा 2020 के मैट्रिक की परीक्षा में 88.2% नंबर लाकर विद्यालय के साथ-साथ अपने गांव जरुआडीह का भी नाम रोशन किया है।

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मनीषा कराटे में ब्लैक बेल्ट हैं, भारत स्काउट एंड गाइड में 2016 से लेकर 2019 तक अपने विद्यालय की ओर से वह प्रथम स्थान ला चुकी हैं। इसके अलावा, इंदिरा गांधी बालिका विद्यालय की ओर से राज्य स्तरीय रसायन प्रदर्शनी में साल 2016, 17, 18 तक लगातार प्रथम स्थान लाकर मनीषा ने रिकॉर्ड बनाया है।

भारत स्काउट और गाइड के अंतर्गत होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम में साल 2018 में उन्होंने प्रथम स्थान प्राप्त किया था। गायत्री तीर्थ शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वाधान में सत्र 2018- 19 में आयोजित भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा में टॉप कर उन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। इसके अलावा, 2019 में आयोजित भारत स्काउट एंड गाइड मनीषा को हजारीबाग जिला प्रशासन द्वारा पुरस्कार प्रदान किया गया। वहीं, दैनिक अखबार हिंदुस्तान द्वारा आयोजित हिंदुस्तान ओलंपिक परफारमेंस रिपोर्ट में मनीषा ने पूरे राज्य में 24 वां स्थान प्राप्त किया।

मनीषा आगे इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) में पढ़ना चाहती हैं। वहां पढ़ाई पूरी करे के बाद वह भारतीय प्रशासनिक सेवा में जाना चाहती हैं। मनीषा कहती हैं कि जिस इलाके से मैं बिलॉन्ग करती हूं वह घोर नक्सल प्रभावित क्षेत्र है। मैं भारतीय प्रशासनिक सेवा में जाकर देश की सेवा करूंगी तथा नक्सलवाद को धीरे-धीरे जड़ से उखाड़ने की कोशिश करूंगी।

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