नस्लों को निखार रही CRPF, छात्रों को कैंप भ्रमण करा नक्सली दुष्प्रचार से दूर रखने के अभियान की शुरुआत

सीआरपीएफ (CRPF) की 195वीं वाहिनी ने एक अनूठे अभियान की शुरुआत की है। जिसके तहत नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के स्कूली छात्रों को सीआरपीएफ कैम्प का भ्रमण कराया जा रहा है। इस मुहिम का उद्देश्य इन स्कूली बच्चों को नक्सल दुष्प्रचार से बचाना और उनके मन में सुरक्षाबलों के प्रति एक दोस्ताना एवं सकारात्मक नजरिया पैदा करना है।

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12 फरवरी को बारसूर स्थित 195वीं बटालियन के मुख्यालय में हितामेटा के पोटाकेबिन और सडार गांव स्थित बालक आश्रम के छात्रों को कैम्प भ्रमण के लिए आमंत्रित किया गया। इस टूर में कुल 80 से अधिक छात्रों एवं शिक्षकों ने हिस्सा लिया। इस दौरान वाहिनी के कमाण्डेन्ट तथा अन्य अधिकारियों ने छात्रों के साथ सीआरपीएफ (CRPF) की कार्यप्रणाली, विकास कार्यों में बल की भूमिका तथा स्थानीय लोगों के साथ आपसी संबंधों के बारे में विस्तार से चर्चा की।

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साथ ही CRPF द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यों, सिविक एक्शन प्रोग्राम, रक्तदान शिविर तथा मुफ्त मेडिकल कैम्प जैसी सुविधाओं के बारे में भी अवगत करवाया गया। छात्रों ने अधिकारियों की बातों को बड़े ही उत्सुकता के साथ समझा और तमाम तरह के सवाल-जवाब भी किए। भ्रमण के दौरान छात्रों ने जवानों की मेस, कैन्टीन, मनोरंजन कक्ष, जिम हॉल एवं ट्रेनिंग ग्राउण्ड के साथ ही कैम्प में स्थापित विभिन्न वर्कशॉप का भी भ्रमण किया। बता दें कि इस आयोजन को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के निर्देश पर आयोजित किया जा रहा है।

पिकनिक से भी ज्यादा मजेदार रहा यह भ्रमणः

पहली बार कैम्प का भ्रमण के लिए आए छात्रों का उत्साह अपने चरम पर था। जवानों की मेस में लजीज भोजन करने के बाद छात्रों ने जवानों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले आधुनिक हथियारों एवं उपकरणों को करीब से देखा और समझा। इसके बाद ट्रेनिंग एरिया में पहुंचे छात्र सभी तरह के कठिन से कठिन ऑबस्टेकल पार करते नजर आए। कुछ छात्रों ने मनोरंजन कक्ष में रखे वाद्ययंत्रों पर अपनी उंगलियों को थिरकारया तो कुछ ने जिम हॉल में रखे विभिन्न उपकरणों के साथ जोर-आजमाइश की। ज्यादातर छात्रों के लिए यह एक अभूतपूर्व अनुभव था। ज्यादातर ने शायद पहली बार गिटार, तबला एवं बाक्सिंग ग्लब्स जैसी अनोखी वस्तुओं पर अपना हाथ आजमाया था।

CRPFसीआरपीएफ (CRPF) में भर्ती होना है ज्यादातर का सपना:

कैम्प भ्रमण के उपरान्त जब छात्रों से पूछा गया कि क्या वे सीआरपीएफ में शामिल होना चाहेंगे? तो जवाब में लगभग सभी छात्रों ने सहमति में अपना हाथ उठा दिया। अंत में बल के अधिकारियों ने छात्रों के उज्जवल भविष्य के लिए उनकी करियर काउंसलिंग की साथ ही सीआरपीएफ (CRPF) में भर्ती संबंधी प्रकिया को विस्तार से समझाया। कैम्प भ्रमण कर वापस जाते आनंदित छात्रों ने ’’सीआरपीएफ सदा अजेय, भारत माता की जय’’ के नारे भी लगाए।

नाच-गा कर दिया जल संरक्षण का संदेशः

195वीं बटालियन के जवानों की सांस्कृतिक टोली इन दिनों स्थानीय गांवों एवं स्कूलों में जा-जाकर जल संरक्षण पर लोगों को जागरूक कर रही है। इस क्रम में बल की नाट्य मण्डली ने हितामेटा और हितालकुडूम गांव में नुक्कड़-नाटक कर जनता के बीच जागरूकता की अलख जगाई। 

CRPFहितामेटा स्थित पोटा केबिन में पहुंची सीआरपीएफ (CRPF) की टीम ने सबसे पहले छात्रों को वर्षा जल संरक्षण के फायदों को बताने वाली डॉक्यूमेन्ट्री दिखाई एवं उसके उपरान्त विषय से संबंधित छात्रों के सवालों के जवाब दिए गए। अंत में नाट्य मण्डली द्वारा गोण्डी एवं हल्बी भाषा के गीतों पर रंगा-रंग प्रस्तुति दी गई। इसके माध्यम से छात्रों को जल-जंगल और जमीन को सुरक्षित एवं स्वच्छ रखने की सीख दी गई। साथ ही 195वीं वाहिनी द्वारा क्षेत्र में वर्षा जल संरक्षण संबंधित किए जा रहे कार्यों से छात्रों को अवगत कराया गया एवं इस मुहिम में उन्हे भी बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया गया।

 

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