बस्तर: सिविक एक्शन कार्यक्रम के तहत गांव वालों से मिले अधिकारी, कहा- नक्सलियों के बहकावे में न आएं

छत्तीसगढ़ के बस्तर का वह इलाका जहां कभी नक्सलियों (Naxals) की गोलियों की आवाज गूंजती थी वहां अब विकास की लहर दौड़ रही है। लोगों को जागरूक किया जा रहा है। साथ ही शिक्षा और मूलभूत सुविधाएं भी पहुंच रही हैं। बस्तर की पुलिस द्वारा बोदली गांव में सिविक एक्शन कार्यक्रम रखा गया था। जहां आईएएस और आईपीएस अफसर ग्रामीणों के बीच पहुंचे।

Naxals
बच्चों के साथ क्रिकेट खेलते अधिकारी।

सबसे पहले तो अधिकारियों ने गांव वालों को नई राशन दुकान की सौगात दी और ग्रामीणों के बीच जरूरत के सामान का वितरण किया गया। इसके बाद अधिकारियों ने सिविक एक्शन कार्यक्रम में पहुंचे लोगों की समस्याएं सुनी और जल्द से जल्द इन समस्याओं को दूर करने का वादा भी किया। इस कार्यक्रम में पहुंचे बस्तर के कलेक्टर ने बच्चों के साथ क्रिकेट भी खेला।

आईजी, कलेक्टर सहित आला अधिकारियों द्वारा इंद्रावती नदी के उस पार घने जंगलों और पहाड़ों के बीच बसे गांव बोदली में जब नए राशन दुकान का उद्घाटन किया गया तो ग्रामीणों की खुशी देखने लायक थी। वहीं, बस्तर के एसपी दीपक झा ने अपने हाथों से बच्चों को चप्पलें पहनाई। अधिकारियों ने लोगों जागरूक किया, उनसे खुलकर बातचीत की।

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बस्तर आईजी ने ग्रामीणों से कहा कि नक्सलियों (Naxals) के बहकावे में न आएं। इन इलाकों का विकास नक्सलियों (Naxals) से सुरक्षा दे कर ही होगा। इन अफसरों को अपने साथ पाकर ग्रामीणों के चेहरे पर भी खुशी साफ नजर आई। पुलिस महानिरीक्षक पी सुंदरराज ने कहा कि बोदली तक अब सड़क का निर्माण पूरा हो चुका है। इससे इस क्षेत्र में अब तेजी से विकास होगा।

बीमारों को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए एम्बुलेंस पहुंच सकेगी। इस क्षेत्र के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे शहरों में जाना पड़ता है और इसके लिए भी सड़क उपयोगी होगी। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या आवाजाही की है। इसके लिए पारों टोलों तक सड़कों और पुल-पुलियों का निर्माण किया जाएगा।

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