Chhattisgarh: नारायणपुर की नक्सल पीड़ित विस्थापित बस्ती हुई रोशन, बिजली आने से जगी उम्मीद

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के नक्सल प्रभावित नारायणपुर जिले में लाल आतंक (Naxalism) का शिकार हुए 350 परिवारों की आठ साल पुरानी मांग पूरी होने से उनकी खुशी का ठिकाना नहीं है।

Naxals

यह इलाका धुर नक्सल प्रभावित है। नक्सलियों (Naxals) द्वारा ग्रामीणों पर पुलिस के लिए काम करने का आरोप लगाया जाता है और उन्हें प्रताड़ित किया जाता है।

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के नक्सल प्रभावित नारायणपुर जिले में लाल आतंक (Naxalism) का शिकार हुए 350 परिवारों की आठ साल पुरानी मांग पूरी होने से उनकी खुशी का ठिकाना नहीं है। दरअसल, ये परिवार नक्सल पीड़ित विस्थापित बस्ती में बस गए थे। शहर के बीचोबीच बसी इस बस्ती के लोग बिजली की सुविधा नहीं होने से अंधेरे में जीवन यापन कर रहे थे।

अब सीएमओ के द्वारा बिजली खंबो में लाइट लगाने से बस्ती में जगमगाती रोशनी से रौनक आ गई है। मुख्यधारा में लौटे आत्मसमर्पित नक्सली (Surrendered Naxals) भी अब सुरक्षा को लेकर आश्वस्त नजर आ रहे हैं।

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बता दें कि कि आठ साल पहले तत्कालीन कलेक्टर और एसपी के द्वारा पीड़ित परिवार के सदस्यों को राहत देने के लिए कालोनी बसाने का प्रयास किया गया था। लेकिन अफसरों के तबादले के बाद नक्सल पीड़ित परिवार के लोगों को मूलभूत सुविधाओं के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। कई सालों के बाद बस्ती रोशन होने से बच्चों को पढ़ाई-लिखाई में सहूलियत होगी।

यह इलाका धुर नक्सल प्रभावित है। नक्सलियों (Naxals) द्वारा ग्रामीणों पर पुलिस के लिए काम करने का आरोप लगाया जाता है और उन्हें प्रताड़ित किया जाता है। नक्सलियों (Naxalites) के आतंक का शिकार होकर माड़ के कई गांव वीरान हो गए हैं। वहीं, जिला मुख्यालय का गुडरीपारा और शांतिनगर मिनी अबूझमाड़ के रूप में बस गया है। यहां जाते ही अबूझमाड़ की झलक दिखाई पड़ती है।

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एसपी मोहित गर्ग द्वारा नक्सल पीड़ित परिवार के लोगों के सरकार की नीति का लाभ देने के लिए वास्तविक लोगों की पहचान कराई जा रही है। अब यहां हालात काफी बेहतर हो रहे हैं।

अबूझमाड़ में नक्सलियों (Naxals) के काले झंडे देखने वाली नक्सल पीड़ित बस्ती की महिलाओं ने जिला मुख्यालय में शरण लेने के बाद पुलिस प्रशासन और करुणा फाउंडेशन की पहल में पहली बार गणतंत्र दिवस के मौके पर राष्ट्रीय ध्वज लहरा कर जश्न मनाया। इस दौरान शांति नगर और गुडरीपारा की महिलाओं के साथ बच्चों ने राष्ट्रीय पर्व के महत्व का करीब से जाना। आरआई दीपक साव की इस प्रयास की जिले में लोगों ने खूब प्रशंसा की।

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नारायणपुर नगर पालिका के सीएमओ मोबिन अली के अनुसार, नगर पालिका परिषद के द्वारा सभी वार्डो में मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराई जा रही है। नक्सल हिंसा (Naxals Violence) का शिकार होकर गुडरापारापारा में बसे लोगों को सहूलियत के हिसाब से कार्य किए जा रहे है। वार्ड में गलियों में स्ट्रीट लाइट लगाई गई है। दूधिया रोशनी से पूरा इलाका जगमग हो रहा है। इससे लोगों में बेहद खुशी है।

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