Chhattisgarh: दोंदेखुर्द में नई कॉलोनी बनाएगा हाउसिंग बोर्ड, जमीन आवंटित करने के लिए सरकार को लिखा पत्र

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में विकास कार्य लगातार किए जा रहे हैं। राज्य सरकार प्रदेश के लोगों के लिए सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं के साथ ही उनके लिए रोटी, कपड़ा और मकान उपलब्ध करवाने पर ध्यान दे रही है।

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छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू की अध्यक्षता में मंत्रिमंडलीय उपसमिति की बैठक में निर्देश जारी किया गया है।

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में विकास कार्य लगातार किए जा रहे हैं। राज्य सरकार प्रदेश के लोगों के लिए सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं के साथ ही उनके लिए रोटी, कपड़ा और मकान उपलब्ध करवाने पर ध्यान दे रही है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड (Chhattisgarh Housing Board) द्वारा नए प्रोजेक्ट में दोंदेखुर्द इलाके में नई कॉलोनी का निर्माण किया जाएगा। राजीव आवास योजना के तहत इस क्षेत्र में बड़े रकबे का चयन कर राज्य शासन से स्वीकृति मांगी गई है।

बोर्ड ने राज्य शासन से एक रुपए प्रति वर्गफीट के हिसाब से जमीन आवंटित करने के लिए पत्र लिखा है। स्वीकृति मिल जाने के बाद सड्डू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी की तर्ज पर यहां भी एलआईजी, ईडब्ल्यूएस भवनों का निर्माण किया जाएगा। प्रारंभिक स्टेज में पुराने सभी संभागों में जमीनें खत्म होने के बाद नए आवासीय योजनाओं में काम शुरू किया गया है।

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सेजबहार, कबीरनगर, शंकरनगर, रायपुरा, हीरापुर क्षेत्र में पुराने प्रोजेक्ट होने के बाद से जमीन उपलब्ध नहीं हो पा रही है। जमीन की तंगी की वजह से इन संभागों में नई कॉलोनी बनाने के लिए कोई भी पॉलिसी नहीं बन पाई है। ऐसे में हाउसिंग बोर्ड ने दोंदेखुर्द क्षेत्र में नई जगह तलाश कर राज्य शासन को पत्र लिखा है।

अफसरों का कहना है, हाउसिंग बोर्ड की तरफ से आम लोगों के बजट में मकान बनाकर उन्हें बेचा जाएगा। अटल विहार योजना की तर्ज पर एलआईजी, ईडब्ल्यूएस मकान बनाए जाएंगे।

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राजीव आवास योजना में बनने वाले मकानों पर कोई सब्सिडी नहीं मिलेगी। प्रारंभिक स्टेज में अधिकारियों का कहना है, जिस बजट में मकान बनाकर दिया जाएगा, वह काफी सस्ता होगा। एलआईजी, ईडब्ल्यूएस टाइप मकानों की कीमत सस्ती होगी। यहां किसी भी तरह की सब्सिडी नहीं दी जाएगी। अटल विहार योजना में बेचे गए मकानों पर सब्सिडी देने नियम बनाए गए थे।

इस बाबत 18 फरवरी को छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू की अध्यक्षता में मंत्रिमंडलीय उपसमिति की बैठक में निर्देश जारी किया गया है। गृहमंत्री ने शांतिनगर में आवासीय व कमर्शियल प्लान की जानकारी ली।

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इस दौरान अधिकारियों ने बताया, पुनर्विकास के लिए प्रोजेक्ट कंसल्टेंट नियुक्त करने के लिए पहली बार 7 जनवरी, 2021 को विज्ञापन प्रकाशित किया गया था, लेकिन किसी भी एजेंसी द्वारा भाग नहीं लिए जाने के कारण दूसरी बार 5 फरवरी 2021 को विज्ञापन प्रकाशित किया गया। 27 फरवरी को बीड ओपन कर न्यूनतम दरदाता का चयन किया जाएगा।

पुनर्विकास योजना के 37.02 एकड़ भूमि पर निर्मित कुल 314 पुराने जर्जर भवनों में से बी, सी, डी प्रकार के 16 भवन निर्मित हैं। नवा रायपुर में भवन निर्माण के बाद इन भवनों को रिक्त कराया जा सकेगा।

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ई और एफ टाइप के कुल 30 भवनों का आवंटन अन्यंत्र स्थानों पर कर दिया गया है। शेष भवन जी, एच और आई प्रकार के कुल 268 भवनों के लिए छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल, कॉलोनी बोरियाकला में टू-बीएचके एवं थ्री-बीएचके कुल 268 भवनों को आवंटित करने के लिए सामान्य प्रशासन विभाग को पत्र लिखा गया है।

वर्तमान में 23 भवनों को खाली करा लिया गया है। राज्य के जिला मुख्यालयों और प्रमुख शहरों में जर्जर शासकीय भवनों के पुनर्विकास के लिए आवास एवं पर्यावरण विभाग नोडल विभाग होगा।

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पुनर्विकास के लिए छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल और छत्तीसगढ़ सड़क विकास निगम निर्माण एजेंसी होंगे। दो एकड़ तक के क्षेत्रफल में निर्माण कार्य सड़क विकास निगम और दो एकड़ से अधिक क्षेत्रफल में निर्माण कार्य हाउसिंग बोर्ड द्वारा किया जाएगा। पर्यटन स्थलों में जर्जर होटल, मोटल, रिसॉर्ट आदि का पुनर्विकास पर्यटन मंडल द्वारा किया जाएगा।

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