लाल आतंक के साए में दशकों रहा यह गांव, पुलिस कैंप खुलने से बह रही विकास की बयार

नक्सलवाद से निपटने के लिए छत्तीसगढ़ पुलिस ने बस्‍तर के धुर नक्सल प्रभावित गांव में कैंप (Police Camp) खोला था। यह पुलिस कैंप बस्तर के बोडली गांव में इस साल के शुरुआत में खोला गया था।

Bodli Camp

बस्तर आई.जी.सुंदरराज पी बोदली कैंप पहुंचे।

नक्सलवाद से निपटने के लिए छत्तीसगढ़ पुलिस ने बस्‍तर के धुर नक्सल प्रभावित गांव में कैंप (Police Camp) खोला था। यह पुलिस कैंप बस्तर के बोडली गांव में इस साल के शुरुआत में खोला गया था। इस कैंप (Bodli Camp) को खोलने का मकसद क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य को सुरक्षा प्रदान करना है।

Bodli Camp
बस्तर आईजी सुंदरराज पी बोदली कैंप पहुंचे।

बता दें कि इस एरिया पर नक्‍सलियों (Naxals) की मजबूत पकड़ है। सड़क निर्माण हो जाने से इलाके में न केवल नक्‍सल गतिविधियों पर लगाम लगेगी बल्‍कि सूदूर गांवों में विकास को गति देने में मदद मिलेगी।

रोल मॉडल साबित होगा बोडली कैंप- पुलिस महानिरीक्षक

राजधानी रायपुर से करीब 350 किमी की दूर पर स्‍थित यह गांव पांच जिलों बस्‍तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर, नारायणपुर और कोंडगांव से जुड़ा है। बस्‍तर के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी ने बताया, ‘नक्‍सली समस्‍या से निपटने में विश्‍वास, विकास, सुरक्षा की नीतियों के तहत यह बोडली कैंप (Bodli Camp) रोल मॉडल साबित होगा।’

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उल्लेखनीय है कि नक्सल प्रभावित बोदली में स्थापित कैंप (Bodli Camp) से क्षेत्र को बहुत फायदा पहुंचा है। इस इलाके से किसी समय दंतेवाड़ा से नारायणपुर के लिए आवाजाही होती थी। नक्सलियों ने इसी इलाके में कई वारदातों को अंजाम दिया था। जिसके बाद से यह सड़क पूरी तरह बंद हो चुकी थी। कैम्प (Bodli Camp) खुल जाने से इन इलाकों में सड़‍क के जाल बिछने शुरू हो चुके हैं और जल्द ही इस सड़‍क पर आवाजाही शुरू की जाएगी।

पल्‍ली और दंतेवाड़ा के बसुर के बीच 6 पुलिस कैंप

नारायणपुर के पल्‍ली और दंतेवाड़ा के बसुर के बीच 6 पुलिस कैंप (Police Camp) बनाए गए ताकि निर्माण कार्यों को सुरक्षा मुहैया कराई जा सके। इसमें बोडली का कैंप (Bodli Camp) केंद्र में है। 54 किमी तक होने वाले सड़क निर्माण कार्य में 20 किलोमीटर तक सड़क बन चुकी है। बाकि 34 किलोमीटर का काम इस साल के अंत तक खत्‍म हो जाने की उम्‍मीद है। इस सड़क के बन जाने से नक्‍सलियों की गतिविधियों पर रोक लगेगी। साथ ही सुदूर गांव में रहने वाले हजारों आदिवासियों को फायदा मिलेगा।

स्वास्थ्य केंद्र को मिली मंजूरी

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p style=”text-align: justify;”>इसके अलावा क्षेत्रवासियों की समस्या को देखते हुए क्षेत्र में स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किया जा रहा है। स्वास्थ्य केंद्र के भवन के लिए दस लाख रुपये की मंजूरी भी दे दी गई है। साथ ही क्षेत्र के लिए एक एंबुलेंस की सुविधा मुहैया कराई जाएगी। इसके अलावा राशन दुकान के नए भवन के निर्माण की भी पेशकश है और इसके लिए भी दस लाख रुपये का फंड मुहैया कराया गया है। बोडली स्थित राशन दुकान से ही अब किसानों को उन्नत बीज भी उपलब्ध कराया जाएगा।

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