जब सुशांत सिंह राजपूत ने कहा, ‘यार, कुछ पर्सनल मत पूछना’

उम्मीद थी यह सितारा अभी इंडस्ट्री में लंबे समय तक जगमगाएगा लेकिन समय से पहले ही ‘सरफराज धोखा दे गया’…

Sushant Singh Rajput

पवित्र रिश्ता में मानव के किरदार ने सुशांत (Sushant Singh Rajput) को पहचान दिलाई थी (Image: Twitter)

सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) से बहुत पहले मिला था, तब वो धोनी नहीं बने थे। शुद्ध देसी रोमांस कर रहे थे। लेकिन काफी पॉपुलर थे। “पवित्र रिश्ता” में मानव के किरदार ने उन्हें अच्छी पहचान दिला दी थी। मैं रिपोर्टर नहीं था, दरअसल एंटरटेनमेंट डेस्क का मेरा सहयोगी किसी कारणवश काम पर नहीं आया, तो मुझे ही उनसे मिलने भेज दिया गया। बात अंग्रेजी में शुरू हुई थी। इंटरव्यू के लिए बैठते वक्त मैंने पूछ लिया- अब पटना जाते हैं? उन्होंने पलटकर पूछा- आप पटना से हो? मैंने कहा- मेरा ननिहाल है, पैदाइश भी वहीं की है। अब बात हिंदी में होने लगी। मेरे सवाल करने से पहले ही सुशांत ने पूछा- क्या-क्या पूछोगे? मैंने कहा- सबकुछ। बोले- यार, कुछ पर्सनल मत पूछना।

खैर किसी वजह से ये इंटरव्यू नहीं छपा (शायद इस वजह से कि मैंने कुछ पर्सनल नहीं पूछा)। आज सभी लोग सुशांत (Sushant Singh Rajput) के जाने के तरीके और वजह पर कयास लगा रहे हैं। किसी ने कहा, कुछ पर्सनल रहा होगा तो कोई ग्लैमर वर्ल्ड के छुपे रहस्यों की दुहाई दे रहा है।

Sushant Singh Rajput: ‘मानव’ से ‘माही’ तक

सुशांत (Sushant Singh Rajput) को पहचान “पवित्र रिश्ता” से मिली थी। फिर 2013 में “शुद्ध देसी रोमांस” और “काई पो चे!”। करीबन एक साथ आई और सुशांत को फिल्मों में अच्छी शुरुआत मिल गई। “पीके” में उनका छोटा सा किरदार लोगों को याद रह गया। सुशांत सिंह राजपूत की फिल्मों में “डिटेक्टिव ब्योमकेश बख्शी” मेरी सबसे पसंदीदा है। लेकिन सुशांत को जिस फिल्म के लिए याद रखा जाएगा- वो है “एमएस धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी”। इस फिल्म ने उन्हें सुपरस्टार की कतार में लाकर खड़ा कर दिया। फिल्म “केदारनाथ” और “छिछोरे” ने इस स्टारडम में और सितारे जड़ दिए। “सोनचिड़िया” जैसी फिल्म में सुशांत सिंह राजपूत का काम देखकर पता चलता है कि उनके अंदर कितना टैलेंट था?

सुशांत (Sushant Singh Rajput) उन इक्का-दुक्का फिल्मी सितारों में से थे जिन्होंने बाहर से आकर इस इंडस्ट्री में अपने लिए मुकाम बनाया था। छोटे शहर से आकर बड़ा हासिल करने की कोशिश करने वालों के लिए उनकी कहानी एक इंस्पिरेशन थी।

लेकिन हर कहानी के कुछ और पहलू होते हैं। शायद इस चकाचौंध और सितारों वाली दुनिया में कोई काला साया भी था जो सुशांत (Sushant Singh Rajput) के अंदर धीरे-धीरे जगह बना रहा था। हमने कोरोना के समय में कई फिल्मी कलाकारों के स्ट्रगल की कहानी सुनी और देखी है। लेकिन सुशांत जैसे सितारे के साथ ऐसी क्या समस्या थी जो उन्हें यह कदम उठाना पड़ गया? ये सवाल आज हर किसी के जेहन में हैं, लेकिन जवाब तो सिर्फ सुशांत के पास ही था। 

क्या कोरोना के समय में अकेलापन उनपर भारी पड़ा? क्या कुछ दिन पहले ही उनकी एक्स-मैनेजर की मौत ने उन्हें डिप्रेशन के अंधेरे में धकेल दिया ? क्या उनके करियर में सब ठीक नहीं चल रहा था? 

धोखा दे गया ‘सरफराज’

पता नहीं सुशांत के मौत की पीछे की वजह सामने आ पाएगी या नहीं, लेकिन इतना हो पक्का है कि उनकी मौत फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक बहुत बड़ा नुकसान है। इसी साल ऋषि कपूर और इरफान जैसे कलाकारों को खोने के बाद यह एक और बड़ा झटका है।

सुशांत सिंह राजपूत में टैलेंट था और एक अजीब सी मासूमियत थी। उन्हें स्क्रीन पर देखना बहुत अच्छा लगता था। उम्मीद थी यह सितारा अभी इंडस्ट्री में लंबे समय तक जगमगाएगा लेकिन समय से पहले ही ‘सरफराज धोखा दे गया’।

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