भारत में मिला कोरोना वायरस का वैरिएंट टेंशन बढ़ाने वाला, WHO ने कही ये बात

भारत में कोरोना (Corona) की दूसरी लहर का कहर जारी है। यहां हर रोज लाखों नए मामले सामने आ रहे हैं। इस बीच कई रिपोर्ट्स सामने आई हैं जिसमें कहा गया है कि कोरोना का भारत में मिला वैरिएंट (Coronavirus Variant) भी काफी संक्रमण फैला रहा है।

Corona Third Wave

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कोरोना की दूसरी लहर में भारत में फैल रहे वैरिएंट (Coronavirus Variant) को वैश्विक स्तर पर चिंताजनक (वैरिएंट ऑफ कंसर्न) बताया है। 

भारत में कोरोना (Coronavirus) की दूसरी लहर का कहर जारी है। यहां हर रोज लाखों नए मामले सामने आ रहे हैं। इस बीच कई रिपोर्ट्स सामने आई हैं जिसमें कहा गया है कि कोरोना का भारत में मिला वैरिएंट (Coronavirus Variant) भी काफी संक्रमण फैला रहा है। कोरोना के इस वैरिएंट पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी चिंता जताई है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कोरोना की दूसरी लहर में भारत में फैल रहे स्ट्रेन को वैश्विक स्तर पर चिंताजनक (वैरिएंट ऑफ कंसर्न) बताया है। उसका कहना है कि भारत में सबसे पहले अक्टूबर में पाया गया यह वैरिएंट B.1.617 ज्यादा संक्रामक लग रहा है और यह आसानी से फैल सकता है।

कश्मीर पर मुंह खोलना पाकिस्तानी विदेश मंत्री को पड़ा भारी

डब्ल्यूएचओ की चीफ साइंटिस्ट सौम्या स्वामीनाथन ने कहा था कि भारत में फैल रहा कोविड-19 वैरिएंट काफी संक्रामक है और यह वैक्सीन को भी बेअसर कर सकता है। एएफपी के साथ एक इंटरव्यू में, सौम्या स्वामीनाथन ने चेतावनी दी कि महामारी का यह फीचर जो आज हम भारत में देख रहे हैं, वह संकेत दे रहा है कि यह एक तेजी से फैलने वाला वैरिएंट है।

सौम्या स्वामीनाथन ने कहा था कि B 1.617 एक चिंतित करने वाला वैरिएंट है क्योंकि यह म्यूटेट करता है जिससे ट्रांसमिशन भी बढ़ता है। साथ ही यह वैक्सीन द्वारा या फिर संक्रमण शरीर में बनी एंटीबॉडीज को भी बेअसर कर सकता है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ इसी वैरिएंट को भारत में संक्रमण के बढ़ने और मौतें होने के लिए दोषी नहीं ठहराया जा सकता है।

कोरोना के खिलाफ जंग में भारत की सेनाएं सबसे आगे, रक्षा मंत्रालय ने 400 रिटायर्ड डॉक्टरों की ज्वाइनिंग का आदेश दिया

सौम्या स्वामीनाथन ने भी कहा है कि मौजूदा वैरिएंट के खिलाफ वैक्सीन और जांच कारगर है। साथ ही कहा कि इलाज भी पहले वाला ही दिया जा रहा है। इसलिए लोगों को इसमें बदलाव की जरूरत नहीं है, बल्कि उन्हें आगे आकर वैक्सीन लगवानी चाहिए। डब्ल्यूएचओ के अलावा, ब्रिटेन भी भारत में मिले कोरोना के इस वैरिएंट को लेकर अपनी चिंता व्यक्त कर चुका है।

ये भी देखें-

ब्रिटेन के पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड डिपार्टमेंट ने बीते शुक्रवार को कहा था कि यह अन्य वैरिएंट्स की तुलना में तेजी से फैलने वाला स्वरूप है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन भी अधिकारियों से इस बारे में जानकारी ले चुके हैं। बता दें कि ब्रिटेन, ब्राजील और साउथ अफ्रीका के बाद भारत चौथा देश है जहां फैल रहे कोरोना वैरिएंट को WHO ने कंसर्न कैटेगरी में शामिल किया है।

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम, यूट्यूब पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

यह भी पढ़ें