कोरोना का कहर: कर्फ्यू और लॉकडाउन से किसानों को भारी नुकसान की आशंका

कोरोना वायरस (Coronavirus) के नियंत्रण के लिए देश में लॉकडाउन की स्थिति और कई राज्यों में कर्फ्यू लगाए जाने से किसानों को भारी नुकसान होने की आशंका व्यक्त की जा रही है। विशेष परिस्थितियों के चलते गांव से शहरों में दूध और डेयरी उत्पादों की आपूर्ति प्रभावित होने लगी है और जल्दी खराब होने वाली सब्जियों के मूल्य बढ़ने लगे हैं।

Coronavirus

कोरोना वायरस (Coronavirus) के संबंध में अफवाहों के कारण पोल्ट्री उद्योग पहले से ही संकट का सामना कर रहा है। भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान और कृषि शोध से जुड़े हुए कई अन्य संस्थाओं के अनुसार रवि फसलों की कटाई का काम शुरू हो गया है और गर्मियों की सब्जियों को लगाने का कार्य भी चल रहा है। आलू की फसल को खेतों से बाहर निकाल लिया गया है लेकिन उसे कोल्ड स्टोरेज में भेजने को लेकर समस्या आ रही है।

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मध्यप्रदेश, राजस्थान, बुंदेलखंड और हरियाणा के कुछ हिस्सों में गेहूं की कटाई का कार्य शुरू हो गया है। चने की फसल पककर तैयार है और इसकी भी कटाई हो रही है। लोगों के आने-जाने पर रोक के कारण मजदूरों की समस्या आ रही है। मशीनों से फसलों की कटाई और दाना निकालने के लिए थ्रेसर के रखरखाव और डीजल की आपूर्ति की अलग समस्या है।

वैज्ञानिकों के अनुसार छोटे सब्जी उत्पादक किसान जो स्थानीय बाजारों में इसको बेचा करते थे वह गांव से शहर नहीं जा पा रहे हैं। छोटे-छोटे रेस्टोरेंट और ढाबों के बंद होने से सब्जियों की मांग प्रभावित हो रही है।

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में गांव से घर-घर दूध पहुंचाने का व्यवसाय करने वाले लोग रेलगाड़ी और बसों के बंद होने से संकट से जूझ रहे हैं। किसानों को एक बड़ी परेशानी सब्जियों के प्रमाणित बीजों और कीटनाशकों के दुकानों के बंद होने के कारण हो रही है।

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