घाटी में आतंकी कर रहे हैं सेटेलाइट फोन का इस्तेमाल, इंटरनेट पाबंदी ने बिगड़ा पाक का खेल

Terrorists

A symbolic image of terrorists using phone for contacting their leader. : Photo Credit- Abhishek Bhalla

5 अगस्त के बाद लगी पाबंदियों के बीच घाटी में अब जनजीवन भले ही पटरी पर लौटता दिखाई दे रहा है लेकिन सुरक्षाबलों के समक्ष चुनौतियां लगातार बनी हुई हैं। घाटी में संचार व्यवस्था विशेषकर इंटरनेट व ब्राडबैंड पर लगी पाबंदी के कारण अब आतंकी (Terrorists)  थौरिया सैटेलाइट फोन का फिर से इस्तेमाल करने लगे हैं। इसके जरिए वह सरहद पार बैठे हैंडलरों से आतंकी (Terrorists) गतिविधियों के लिए निर्देश लेते हैं।

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A Representational Image of terrorists using phone for contacting their leader. : Photo Credit- Abhishek Bhalla

सूत्रों का कहना है कि घाटी में मौजूद आतंकी (Terrorists) किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की कोशिश में हैं परंतु सुरक्षाबलों की कड़ी चौकसी के कारण आतंकी (Terrorists) अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो पा रहे हैं। मालूम हो कि सूबे से विवादित अनुच्छेद 370 व 35ए को हटाए जाने व इसके पुनर्गठन के बाद से पाकिस्तान लगातार बौखलाया हुआ है।

पाकिस्तान जहां कश्मीर को लेकर दुनिया भर में बेसुरा राग अलाप रहा है, वहीं वह जम्मू कश्मीर समेत देश के अन्य हिस्सों में आतंकी (Terrorists) वारदात को अंजाम देने की फिराक में है। बताया गया कि घाटी में मौजूदा वक्त में 200 से 250 आतंकी (Terrorists) मौजूद हैं लेकिन सुरक्षाबलों की कड़ी सतर्कता के कारण छिपे हुए हैं। उधर, सरहद पार से पाकिस्तानी सेना व उसकी बार्डर एक्शन टीम लांचिंग पैड्स पर मौजूद आतंकियों की घुसपैठ कराने की कोशिश में है लेकिन घाटी में प्रीपेड मोबाइल फोन, इंटरनेट व ब्राडबैंड सेवा बंद रहने के कारण आतंकी (Terrorists) स्थानीय स्तर पर एक-दूसरे को मैसेज नहीं दे पा रहे हैं लेकिन अब सुरक्षाबलों को मिल रही जानकारी के मुताबिक आतंकी (Terrorists) तंजीमों के कमांडर थौरिया सैटलाइट फोन के जरिए पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं के संपर्क में हैं।

इतिहास में आज का दिन – 29 नवंबर

सूत्रों का कहना है कि गत कुछ दिन पूर्व सुरक्षाबलों ने श्रीनगर के एक बाहरी हिस्से में चालाए गए तलाशी अभियान के दौरान एक सूनसान जगह से थौरिया सैटेलाइट फोन बरामद किया था। बताया गया कि यह सैटेलाइट फोन घाटी में आतंकी (Terrorists) कमांडरो के पास हो सकते हैं। बताते चलें कि संयुक्त अरब अमीरात स्थित कंपनी द्वारा निर्मित थौरिया सैटेलाइट फोन करीब डेढ़ दशक पहले भी आतंकियों से बरामद हुए थे। मुठभेड़ में मारे गए आतंकियों के कब्जे से भी यह फोन मिलते रहे हैं जो कि सरहद पार घुसपैठ करके घाटी में आने वाले आतंकी (Terrorists) अपने साथ लाते रहे हैं।

वहीं पंजाब में भी खालिस्तानी आतंकियों के पास से भी कई बार थौरिया सैटेलाइट फोन बरामद हो चुके हैं। प्रदेश के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सुरक्षा मुनीर खान ने कहा कि घाटी में आतंकियों पर पूरी तरह नकेल कसी जा रखी है। जहां तक थौरिया सैटेलाइट फोन के आतंकी-कमांडरों के पास होने की बात है, यह तो पहले भी कई बार इस्तेमाल किए गए हैं।

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