कश्मीर में घुसपैठ की फिराक में आतंकी, PoK में बनाए 16 नए कैंप

पिछले पांच वर्षों में सिर्फ 40 स्थानीय युवक आतंकी संगठनों से जुड़े हैं। इससे पहले के वर्षों की तुलना में यह संख्या आधी रह गई है। उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर में अभी 275 आतंकवादियों के सक्रिय होने की सूचना है।

Terrorist Organizations

सांकेतिक तस्वीर।

इंडियन एयर फोर्स ने पाकिस्तान के बालाकोट में घुस एयर स्ट्राइक कर वहां चलाए जा रहे सभी आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया था। कुछ दिनों तक तो आतंकी अपने बिल में दुबके रहे। लेकिन कुछ समय से फिर से सीमा पार आतंकियों की गतिविधि बढ़ने लगी है। खुफिया जानकारी के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों में आतंकियों के 16 नए कैंप पाक अधिकृत कश्मीर (POK) में बनाए गए हैं। सेना के सूत्रों ने बताया कि खुफिया एजेंसियों से जानकारी मिली है कि पीओेके में आतंकियों के ये कैंप हाल ही में बनाए गए हैं। इनमें आतंकियों को बड़े हमले के साथ-साथ घाटी में घुसपैठ करने के तरीकों का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।

ये कैंप पाकिस्तानी सेना और आईएसआई की मदद से संचालित किए जा रहे हैं। यहां प्रशिक्षण ले रहे आतंकी कश्मीर में घुसपैठ के लिए मौके की तलाश में हैं। ये आतंकी पाक सेना और आईएसआई की मदद से सीमा पार से घुसपैठ कर घाटी में किसी बड़े हमले को अंजाम देने की फिराक में हैं। सेना के सूत्रों के मुताबिक, घुसपैठ के किसी भी प्रयास को विफल करने के लिए सीमा पार आतंकियों की गतिविधियों पर लगातार कड़ी नजर रखी जा रही है। 14 फरवरी को हुए पुलवामा हमले के बाद सुरक्षाबलों को आतंकियों के नेटवर्क को तबाह करने में काफी हद तक सफलता मिली है।

इससे आतंकी संगठनों को अब स्थानीय युवकों से मदद नहीं मिल पा रही है। हाल ही में सेना की कोशिशों की वजह से राह भटके हुए घाटी के कई युवाओं ने हथियार डाला है। सेना जम्मू-कश्मीर से आतंकियों का सफाया करने के लिए युद्ध स्तर पर काम कर रही है। इसके लिए घाटी में सेना ने ऑपरेशन ऑल आउट चला रखा है। पिछले दिनों सुरक्षाबलों द्वारा आतंकी कमांडर जाकिर मूसा को मार गिराने के बाद से आतंकी संगठनों के हौसले पस्त हो गए हैं। जम्मू-कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह ने 29 मई को कहा कि घटी में स्थानीय युवकों की आतंकी संगठनों में भर्ती तेजी से कम हुई है।

पिछले पांच वर्षों में सिर्फ 40 स्थानीय युवक आतंकी संगठनों से जुड़े हैं। इससे पहले के वर्षों की तुलना में यह संख्या आधी रह गई है। उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर में अभी 275 आतंकवादियों के सक्रिय होने की सूचना है। जिनमें से 75 आतंकी विदेशी हैं। सेना के सूत्रों के अनुसार, कश्मीर में आतंकी संगठन आईएसआईएस भी पांव पसारने की कोशिश कर रहा है। सुरक्षाबल और दूसरी एजेंसियां इस पर निगरानी रखे हुए हैं। आईएस के स्लीपर सेल स्थानीय युवाओं को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन उन्हें अब पहले की तरह प्रतिक्रिया नहीं मिल रही है। यही वजह है कि घाटी में आतंकी संगठन अब पतन की ओर हैं।

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