मातृभूमि की रक्षा के लिए लद्दाख में शहीद हुए सुमित कुमार, बचपन में हो गया था मां का देहांत

कुनकुरी के हर्राडांड़ पंचायत के करमटोली गांव में सूचना आई कि शनिवार 30 अक्टूबर की रात 8 बजे लद्दाख में आर्मी की गाड़ी का एक्सीडेंट हो गया।

Harpal Sharma

सांकेतिक तस्वीर।

शहीद सुमित तिग्गा (Sumit Kumar), 4 भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर थे। उन्होंने 3 साल पहले सेना ज्वाइन की थी। उनकी मां का बचपन में ही देहांत हो गया था। उनके पिता पेशे से राजमिस्त्री हैं और खेती भी करते हैं।

जशपुर: भारत के सपूत अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए हर दम कुर्बानी के लिए तैयार रहते हैं। छत्तीसगढ़ के जशपुर के एक जवान ने भी मातृभूमि की सेवा करते हुए शहादत दे दी।

ये जवान ड्यूटी पर जाते समय सड़क हादसे का शिकार हो गया और शहीद हो गया। उसकी गाड़ी का लद्दाख में पहाड़ियों के बीच एक्सीडेंट हो गया। इस हादसे में 2 जवान शहीद हुए हैं।

शहीद होने की खबर सुनकर जवान के गांव में मातम पसर गया है। मिली जानकारी के मुताबिक, कुनकुरी के हर्राडांड़ पंचायत के करमटोली गांव में सूचना आई कि शनिवार 30 अक्टूबर की रात 8 बजे लद्दाख में आर्मी की गाड़ी का एक्सीडेंट हो गया। इस एक्सीडेंट में जवान सुमित कुमार तिग्गा (Sumit Kumar) अपने साथी जवान के साथ शहीद हो गए।

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आर्मी हेडक्वार्टर ने जवानों की शहादत की खबर गांव में दी। शहीद सुमित तिग्गा (Sumit Kumar), 4 भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर थे। उन्होंने 3 साल पहले सेना ज्वाइन की थी। उनकी मां का बचपन में ही देहांत हो गया था। उनके पिता पेशे से राजमिस्त्री हैं और खेती भी करते हैं।

हादसे का शिकार होने की खबर सुनकर सुमित के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।

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