Lok Sabha Election 2019: जम्मू कश्मीर में दोहरी जिम्मेदारी निभा रहे सुरक्षाबल

Lok Sabha Election 2019

Lok Sabha Election 2019: जम्मू-कश्मीर जैसे अतिसंवेदनशील इलाकों में सेना और सुरक्षाबलों को कई तरह की जिम्मेदारियां एक साथ निभानी पड़ती हैं। एक तरफ जहां उन्हें आतंकियों से मुकाबला करना होता है, वहीं पत्थरबाजों का भी सामना करना पड़ता है। अब लोकसभा चुनावों की घोषणा होने के बाद उन्हें एक अलग तरह की जिम्मेदारी भी निभानी पड़ रही है।

Lok Sabha Election 2019 के मद्देनजर, जहां सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सुरक्षाबल मुस्तैदी से जुटे हैं वहीं लोगों को वोटिंग के लिए जागरूक भी कर रहे हैं। वे जम्मू-कश्मीर की जनता को संदेश दे रहे हैं कि उनके विकास और बेहतरी के लिए वोट करना कितना जरूरी है। वोटिंग एक ऐसा हथियार है, जो उन्हें एक अच्छी शासन-व्यवस्था चुनने का अधिकार देती है। उन्हें किसी से डरने की जरूरत नहीं है।

सुरक्षाबलों का कहना है कि चुनाव को लेकर लोगों में दिलचस्पी तो होती है, लेकिन आतंकियों और विभिन्न अलगाववादी संगठनों के खौफ से वे वोट करने से कतराते हैं। ऐसे में हमारी जिम्मेदारी है कि लोगों के मन से इस डर को दूर करें और इस बारे में लोगों को जागरूक बनाएं।

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दरअसल, इन इलाकों में सक्रिय विभिन्न अलगाववादी संगठन आतंकियों के साथ मिलकर चुनाव के दौरान हिंसक घटनाओं को अंजाम देने की फिराक में रहते हैं। लोकतंत्र में यकीन नहीं रखने वाले अलगाववादी जहां चुनावों का बहिष्कार करते हैं, वहीं लोगों को भी चुनाव में भाग नहीं लेने के लिए डराते-धमकाते हैं।

इन हालात में, सुरक्षाबलों के लिए शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराना बहुत ही चुनौती भरा काम हो जाता है। लेकिन हर बार की तरह इस बार भी वे लोकतंत्र के इस महापर्व को निर्विघ्न संपन्न कराने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। अराजक तत्वों की धर-पकड़ के साथ ही चुनाव में खलल डालने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।  

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