जम्मू कश्मीर: सुरक्षाबलों ने आतंकी गतिविधियों में शामिल 3 नौजवानों को पकड़ा, तीनों पाक में बैठे आतंकी आकाओं से लेते थे दिशा-निर्देश

घाटी के कई ऐसे गिरोह सक्रिय हैं जो कम उम्र के नौजवानों (Kashmiri Youth) को गुमराह कर उन्हें घर से लापता होने और फिर आतंकी संगठन में शामिल होने के लिए उकसाते हैं।

Kashmiri Youth

Kashmiri Youth

जम्मू कश्मीर पुलिस ने आतंकियों (Terrorists) के मददगार एक ऐसे गिरोह को बेनकाब करने का दावा किया है जो घाटी में कम उम्र के युवाओं को गुमराह करके आतंकवादी बनाता था। इसके तहत मध्य कश्मीर के जिला गांदरबल के गुटलीबाग इलाके से तीन नौजवानों (Kashmiri Youth) को पकड़ा है‚ जो कि एक पाकिस्तानी मूल के आतंकी फयाज खान के संपर्क में थे। उसके निर्देश पर ये तीनों आतंकी गतिविधियों को अंजाम देते थे।

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सूत्रों के मुताबिक इन तीनों को पकड़ने के लिए पुलिस और सेना की संयुक्त टीम ने छापेमारी की। इनके कब्जे से हैंड ग्रेनेड तथा कई तरह के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त किए गए। बताया गया कि घाटी में मौजूदा समय में आतंकी संगठनों के इस प्रकार के बड़ी संख्या में मददगार अथवा ग्राउंड वर्कर्स सक्रिय हैं, जो कि घाटी में मौजूद पाकिस्तानी मूल के आतंकी कमांडरों और सरहद पार बैठे हैंडलरों के संपर्क में हैं।

इसी कड़ी में घाटी के कई ऐसे गिरोह सक्रिय हैं जो कम उम्र के नौजवानों (Kashmiri Youth) को गुमराह कर उन्हें घर से लापता होने और फिर आतंकी संगठन में शामिल होने के लिए उकसाते हैं। इसके लिए ये गिरोह तमाम सोशल मीडिया के जरिए ऐसे नौजवानों पर नजर रखकर उनसे संपर्क साधते हैं। इस पूरी साजिश में इन नौजवानों के माता-पिता को भनक तक नहीं लग पाती। बाद में जब ये नौजवान बंदूक उठाने के बाद सोशल मीडिया पर अपनी फोटो अथवा संदेश वायरल करते हैं तब कहीं जाकर इन युवाओं के परिजनों को असलियत का पता चलती है।

सूत्रों का कहना है कि हाल के वर्षों में जो नौजवान (Kashmiri Youth) घाटी से लापता हुए उनमें सबसे बड़ी संख्या दक्षिण कश्मीर के युवाओं की है। हालांकि‚ इन गुमराह नौजवानों की घर वापसी के लिए सेना समेत घाटी में मौजूद सभी सुरक्षाबल हर संभव कोशिश में लगे हैं। फिर भी इनमें जो आतंकी (Terrorist) बनने के बाद परिजनों व सुरक्षाबलों की तमाम अपीलों के बाद वापस लौटने को तैयार नहीं हुए‚ उनमें अधिकतर सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारे जा चुके हैं।

 

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