अब ये आतंकी खोलेगा ‘पुलवामा 2’ हमले का राज! कहां से आया विस्फोटक और कहां करता था काम?

Hidayatullah

Militant Hidayatullah Malik solve the Pulwama 2 attack theory.

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने जिस कार में विस्फोटक था उसके मालिक हिदायतुल्लाह मलिक (Hidayatullah Malik) की पहचान की है। वह शोपियां का निवासी है और पिछले साल हिजबुल मुजाहिदीन में शामिल हुआ था। ऐसे में सुरक्षाकर्मियों की गिरफ्त में आया ये आतंकी ही पुलवामा 2 (Pulwama 2) आतंकी हमले का राज खोलेगा कि आखिरकार इतनी भारी मात्रा में उसके पास विस्फोटक कहां से आया और वो किसके लिए काम करता था?

दिल्ली, हरियाणा, पंजाब जैसे शहरों के किन होटलों में करता था रहने की व्यवस्था। साजिश की पटकथा तो पुलवामा 2 (Pulwama 2) पाकिस्तान (Pakistan) के बहावलपुर में लिखी गई थी परियोजना को अमली-जामा पीओके (PoK) में पहनाया गया। खुफिया रिपोर्ट के अनुसार साजिश की योजना आईएसआई (ISI) ने मार्च में बनाई थी जिसमें मदद की जैश-ए-मोहम्मद (JeM) ने और काम का जिम्मा दिया गया हिजबुल मुजाहिदीन (HM) को।

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उल्लेखनीय है कि भारतीय खूफिया विभाग ने पहले ही आगाह किया था कि रमजान के बाद आतंकवादी (Militants) कश्मीर में हमला कर सकते हैं। खुफिया सूत्रों के अनुसार विस्फोटक हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हिमाचल जैसे राज्यों से किस्तों में इकट्ठा किया गया था। जिसे हिदायतुल्ला (Hidayatullah Malik) की गाड़ी से अवंतिपुरा लाया जा रहा था।

हिदायतुल्ला (Hidayatullah Malik) का रिश्तेदार कश्मीर पुलिस में है और वह सुरक्षा एजेंसियों की गतिविधियों को आतंकियों (Militants) तक भेजता था। खुफिया सूत्रों के अनुसार आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीन (HM) के डरे हुए सरगना सैयद सलाउद्दीन ने आईएसआई (ISI) से कहा कि कश्मीर में उसके आतंकी और कमांडर भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की गोलियों के शिकार हो रहे हैं इसलिए वह किसी भी तरह की आतंकी घटना को अंजाम देना नहीं चाहता। इसका कारण यह भी था कि जब से कश्मीर में आईएसआई (ISI) ने सारे आतंकी संगठनों को एक छतरी के नीचे लाने के लिए लश्कर के नेतृत्व में ‘द रेसिस्टेंस फ्रंट’ बनाया है और लश्कर-ए-तैय्यबा (LeT) को फंडिंग ज्यादा होने लगी तो हिजबुल मुजाहिद्दीन सरगना सैयद सलाउद्दीन (Sayeed Salahudeen) ने इसका विरोध किया। सलाउद्दीन का तर्क था कि कश्मीर में वह काम कर रहा है। अभी तक उसके 90 से ज्यादा लोग मारे गए हैं और उसे फंडिंग नहीं हो रही है इसलिए वह इस छतरी के नीचे नहीं आएगा।

खुफिया सूत्रों के अनुसार कुछ दिन पहले जब बहावलपुर में इस आतंकी घटना की पटकथा लिखी गई थी। उसके बाद आईएसआई (ISI) के अधिकारी कश्मीर में आतंकी हमला कराने के लिए सैयद सलाउद्दीन (Sayeed Salahudeen) के घर पहुंचे और उससे उसने मना कर दिया। तब आईएएस (IAS) अधिकारियों ने उसकी पिटाई की और धमकाया तब वह पुलवामा-2 के लिए तैयार हुआ। सूत्रों के अनुसार जैश का पाकिस्तानी कमांडर फौजी भाई का मास्टरमाइंड था।

जैश-ए-मोहम्मद का आतंकी वालिद जो पुलवामा में इस घटना को अंजाम देना चाहता था वह हिजबुल मुजाहिद्दीन के लिए भी काम करता है। वह पाकिस्तानी है और कुछ वर्षों से कश्मीर में है। यहां वह हिजबुल मुजाहिद्दीन का कैडर बढ़ाने का काम करता था। इसी दरम्यान वह श्रीनगर से तस्करी और हवाला का काम भी करता था। वालिद ने हिदायतुल्ला (Hidayatullah Malik)  को मोटी रकम दी और विस्फोट के लिए कार दी।

सूत्र बताते हैं कि वह (Hidayatullah Malik) मोटी रकम लेकर आतंकियों (Militants) के लिए मुखबिरी और उनके रहने-खाने की व्यवस्था भी करता था। जो अब सुरक्षा एजेंसियों के हत्थे चढ़ गया है। पीओके में रमजान से पहले जो बैठक हई उसमें जकीउर रहमान, हमजा अदनान, मौसा भाई, सैयद सलाउद्दीन, खालिद सैफुल्ला साहिव, ताहिर एजाज साहिब, हिज्बुल के नायव नवीर और आईएसआई (ISI) के कर्नल सरफराज अहमद, मेजर मुस्तफा, इम्तियाज आदि शामिल थे। यही मौसा भाई उर्फ इस्माइल है जो सलाउद्दीन का भतीजा है। यह हवाला और ड्रग ऑपरेटर है और दाऊद से अच्छे संबंध हैं।

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