NIA ने उस घर को ढूढ़ निकाला जहां रची गई थी पुलवामा हमले की साजिश, बाप-बेटी गिरफ्तार

पिछले साल जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आत्मघाती हमले के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलवामा हमले (Pulwama Attack) के फिदायीन हमलावर आदिल डार ने जिस घर को अपना ठिकाना बनाया था, उस घर को एनआईए (NIA) ने ढूंढ निकाला है।

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NIA ने उस घर को ढूढ़ निकाला जहां रची गई थी पुलवामा हमले की साजिश।

एनआईए (NIA) ने इस मामले में आदिल डार की मदद करने वाले बाप-बेटी को 3 मार्च को गिरफ्तार कर लिया। इन दोनों को लेथपोरा इलाके से पकड़ा गया है। इनकी पहचान तारिक अहमद शाह (50) और उसकी बेटी इंशा जान (23) के तौर पर की गई है। तारिक पेशे से ड्राइवर है। गिरफ्तार लड़की लगातार पुलवामा हमले के आतंकियों के संपर्क में थी।

जांच में यह खुलासा हुआ है कि आदिल ने पुलवामा हमले (Pulwama Attack) को अंजाम देने से पहले इन्हीं आरोपियों के घर में वीडियो रिकॉर्डिंग की थी। यह रिकॉर्डिंग उसके मरने से पहले शूट की गई थी। गिरफ्तार आरोपी तारिक ने पूछताछ में बताया कि पुलवामा हमले को अंजाम देने वाले आतंकियों ने हकरिपोरा स्थित उसके घर का इस्तेमाल किया था।

पुलवामा हमले के लिए आतंकियों ने क्यों चुनी थी वही जगह? 

आत्मघाती हमलावर आदिल, पाकिस्तानी आतंकी मोहम्मद फारूक, इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) बनाने वाले पाकिस्तानी आतंकी कामरान और एक अन्य आतंकी वहां ठहरे थे। उसके घर पर ही डार का वीडियो रिकॉर्ड किया गया था। इस वीडियो को हमले के बाद आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने जारी किया था। तारिक से पूछताछ में यह भी पता चला है कि पुलवामा हमले को अंजाम देने से पहले आतंकी आरोपी के घर पर 2018 से 2019 के बीच 15 बार आए थे।

आरोपी इंशा पाकिस्तानी आतंकी मोहम्मद उमर के लगातार संपर्क में थी। कई बार उसने सोशल मीडिया और फोन के जरिए उससे बातचीत की थी। अब तक इस मामले में तीन गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। इससे पहले एनआईए (NIA) ने 28 फरवरी को शाकिर बशीर माग्रे को गिरफ्तार किया था। वह पुलवामा का ही रहने वाला है। इस पर सीआरपीएफ के काफिले को ट्रैक करने का आरोप है।

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