UNGA में पाकिस्तान का नाम लिए बिना ही पीएम मोदी ने कश्मीर पर दुनिया को दिया स्पष्ट संदेश

संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में 27 सितंबर को पीएम मोदी का भाषण कूटनीति से भरा हुआ था। मोदी ने बिना कश्मीर का नाम लिए पाकिस्तान को साथ-साथ दुनिया को भी कश्मीर पर स्पष्ट संदेश दे दिया। अपने भाषण में कश्मीर का जिक्र न कर मोदी ने यह स्पष्ट कर दिया कि आर्टिकल 370 को खत्म करना भारत का आंतरिक मामला है और वैश्विक मंच पर इसकी चर्चा करने की कोई जरूरत नहीं है। अपने पाकिस्तानी समकक्ष के साथ आरोप प्रत्यारोप में शामिल होने की बजाय मोदी ने जलवायु परिवर्तन, अक्षय ऊर्जा, गरीबी और भारत के विकास जैसे व्यापक मुद्दों को दुनिया के सामने रखा।

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 74वें सत्र में प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी स्पीच में दुनिया में विकास, भागीदारी और जनहित की बात की। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के सामने आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने पर जोर दिया। मोदी ने कहा कि भारत एक ऐसा देश है जिसने विश्व को ‘युद्ध नहीं बुद्ध’ दिया है। मोदी ने अपने भाषण में एक बार भी पाकिस्तान का जिक्र नहीं किया। उन्होंने कहा, ‘हमारा मानना है कि आतंकवाद किसी एक देश के लिए बल्कि पूरे विश्व एवं मानवता के लिए सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है।’

स्वामी विवेकानंद के 125 साल पहले शिकागो में धर्म संसद में दिए संदेश का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा, ‘दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का आज भी अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए शांति और सौहार्द ही, एकमात्र संदेश है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान जब बोलने आए तो उन्होंने समय और शब्दों की मर्यादाएं लांघते हुए भारत के खिलाफ अपने अजेंडे को प्राथमिकता में रखा। दुनिया के मुसलमानों को भारत के खिलाफ उकसाने की कोशिश की। इमरान तय समय से कहीं ज्यादा देर तक भारत के खिलाफ नफरत उगलते रहे। उनका युद्ध राग पीएम मोदी के उसी मंच से कुछ समय पहले दिए गए शांति संदेश से ठीक उलट था।

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