अमेरिकी अखबार का दावा, POK में आजादी की मांग बढ़ने के बाद पाकिस्तान ने तैनात की सेना

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PoK में पाकिस्‍तान से आजादी की मांग जोर पकड़ने लगी है।

कश्‍मीर मुद्दे पर विश्‍व समुदाय का ओर से बार-बार निराशा हाथ लगने के बावजूद पाकिस्‍तान अभी भी इसे अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर ले जाने की भरपूर कोशिशें कर रहा है। घाटी से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद अब उसे पाक अधिकृत कश्‍मीर (PoK) पर से भी नियंत्रण जाने का डर भी सताने लगा है। भारत के कई बड़े नेता और अधिकारी भी यह कह चुके हैं कि पाकिस्तान से अगली बात अब PoK पर होगी। उधर, खबर है कि PoK में भी पाकिस्‍तान से आजादी की मांग जोर पकड़ने लगी है। यही वजह है कि पाकिस्तान ने वहां रहने वाले लोगों पर तमाम तरह की पाबंदियां लगा रखी हैं।

पाकिस्‍तान ने वहां आजादी की मांग को लेकर आवाज बुलंद करने वाले लोगों से कहा है कि वह ऐसी किसी भी मांग को बर्दाश्‍त नहीं करेगा। जाने-माने अमेरिकी अखबार न्‍यूयॉर्क टाइम्‍स की रिपोर्ट में कहा गया है कि पीओके में तेज होती आजादी की मांग के बीच हाल के दिनों में वहां पाकिस्तानी सेना की गतिविधियां बढ़ी हैं। स्‍थानीय लोगों ने बताया कि गुलाम कश्‍मीर में आजादी की मांग को लेकर प्रदर्शनों की संख्‍या भी बढ़ी है। हजारों की संख्‍या में लोग अब पाकिस्‍तान के खिलाफ आवाज बुलंद करने लगे हैं। वहीं, भारत और पाकिस्‍तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच PoK पर पाकिस्‍तानी सेना का दबदबा भी बढ़ता जा रहा है।

रिपोर्ट के मुताबिक, भारत सरकार ने जब से कश्‍मीर से अनुच्‍छेद-370 को खत्‍म किया है आतंकियों की हैवानियत भी बढ़ी है। हालांकि, पाकिस्‍तानी मीडिया इन खबरों को मुश्किल से प्रकाशित कर रहा है। पाकिस्‍तानी सेना के अंदर PoK के हाथ से जाने का डर समाया हुआ है। यही वजह है कि वे इलाके में कई बार मोबाइल फोन और इंटरनेट सेवाओं को बंद कर चुके हैं। हालांकि, पाकिस्‍तानी सेना के हाथों कठपुतली माने जाने वाले पाकिस्‍तानी सियासतदान मसूद खान ने फौज की कार्रवाइयों का बचाव किया है। गौरतलब है कि पाकिस्‍तान ने मसूद खान को PoK पर शासन के लिए नियुक्‍त किया है और वह पूरी तरह से पाक सेना की कठपुतली हैं।

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