FATF में ब्लैक लिस्ट होने से बचने के लिए पाकिस्तान की चाल, निगरानी सूची से हटाए 1800 आतंकियों के नाम

आतंकी गतिविधियों की फंडिंग पर नजर रखने वाली संस्था FATF की बैठक से पहले पाकिस्तान ने 1,800 आतंकियों के नाम नेशनल काउंटर टेररिज्म अथॉरिटी (NACTA) द्वारा बनाई जाने वाली सूची से हटा दिए हैं।

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इमरान खान (फाइल फोटो)

आतंकी गतिविधियों की फंडिंग पर नजर रखने वाली संस्था FATF की बैठक से पहले पाकिस्तान ने 1,800 आतंकवादियों के नाम नेशनल काउंटर टेररिज्म अथॉरिटी (NACTA) द्वारा बनाई जाने वाली सूची से हटा दिए हैं। जिसमें साल 2008 में हुए मुंबई हमलों का मास्टरमाइंड और लश्कर-ए-तैयबा का कमांडर जकी-उर-रहमान लखवी भी शामिल है।

यह जानकारी अमेरिकी स्टार्टअप ने दी है, जो सूची को ऑटोमेट (स्वचालित) किए जाने का काम करती है। पाकिस्तान के राष्ट्रीय आतंकवाद निरोधी प्राधिकरण (NACTA) ने यह सूची बनाई है। इसका उद्देश्य वित्तीय संस्थानों को संदिग्ध आतंकवादियों के लेनदेन के प्रसंस्करण या व्यापार से बचने में मदद करना है।

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न्यूयार्क से संचालित होने वाली नियामक तकनीकी कंपनी कैस्टेलम.एआई के मुताबिक, साल 2018 की सूची में लगभग 7,600 नाम थे। पिछले 18 महीनों में इस सूची में अब घटकर 3,800 नाम रह गए हैं। कैस्टेलम द्वारा एकत्र किए गए आंकड़ों के मुताबिक, 1,800 नाम तो मार्च, 2020 की शुरुआत से ही हटाए गए हैं।

पाकिस्तान ने यह कदम ऐसे समय पर उठाया है जब वैश्विक एंटी मनी लांड्रिंग संस्था वित्तीय कार्रवाई कार्यबल (FATF) ने उसे आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए एक नई समय सीमा दी है। पाकिस्तान एक कार्य योजना को लागू करने पर काम कर रहा है जिसकी जिम्मेदारी उसे पेरिस स्थित एफएटीएफ (FATF) ने दी है। जिसमें वित्तीय प्रतिबंधों के प्रभावी कार्यान्वयन को प्रदर्शित करना शामिल है।

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कंपनी ने कहा, ‘यह संभव है कि इनका नाम हटाना एफएटीएफ (FATF) सिफारिशों को लागू करने के पाकिस्तान (Pakistan) की कार्य योजना का हिस्सा हों।’ एफएटीएफ (FATF) जून, 2020 में पाकिस्तान की प्रगति का आकलन करेगा। वर्तमान में वह ग्रे-सूची में है। यदि वह आतंकियों के खिलाफ पर्याप्त कार्रवाई करने में असफल रहता है तो उसे काली सूची में डाल दिया जाएगा।

जिसका उसकी खराब अर्थव्यवस्था पर बहुत असर पड़ेगा। कंपनी के अनुसार, पाकिस्तान ने सूची से जिन लोगों के नाम हटाए हैं उनमें कई अमेरिकी या संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंध सूची में सूचीबद्ध आतंकवादियों के उपनाम जैसे लगते हैं। वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार, पाकिस्तान ने सूची से आतंकियों के नाम हटाने को लेकर कोई सार्वजनिक स्पष्टीकरण नहीं दिया है।

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