पाक पीएम इमरान खान ने स्वीकार किया बालाकोट एयर स्ट्राइक की बात

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पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने बालाकोट एयर स्ट्राइक (Air Strike) की घटना को मान लिया है। जी हां, 23 सितंबर को काउंसिल ऑफ फॉरेन रिलेशंस (Council on Foreign Relations) में कई मुद्दों पर अपनी बात रखते हुए इमरान खान ने वह मान लिया जिसे पाकिस्तान हमेशा से नकारता आ रहा है। यानी भारतीय वायुसेना द्वारा बालाकोट पर की गई एयर स्ट्राइक। इमरान खान ने अंतर्राष्ट्रीय मंच पर बालाकोट एयर स्ट्राइक की घटना स्वीकार कर लिया। इस दौरान उन्होंने मोदी-ट्रंप की रैली और पीएम मोदी के जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 (Article 370) पर हटाने पर अपनी प्रतिक्रिया दी।

खुद अमेरिका में ही बैठ कर पाकिस्तानी पीएम आतंक को लेकर अपनी असफलताओं के लिए अमेरिकी को दोषी ठहराते रहे। खुद को आतंकवाद के आरोपों से बचाने के दौरान इमरान ये भी भूल गए थे कि वह उस वक्त कहां बैठै थे। वे अमेरिका को लगातार आतंक का पोषक बता रहे थे। इमरान खान ने कहा, “हमने अपने पड़ोसियों के साथ शांतिपूर्ण संबंध स्थापित करने की ओर बढ़े हैं। हमने करतारपुर कॉरिडोर का प्रस्ताव किया है, मैं लगातार राष्ट्रपति गनी से बात कर रहा हूं। आर्मी ने भी इन सारे ही प्रयासों का समर्थन किया है। मैंने पीएम मोदी से कहा है कि हमारे पास एक नई नीति है, हम एक नई शुरुआत चाहते हैं। उन्होंने मुझसे पूछा कि क्या आपको इसपर यकीन है? सेना को जवाब देते हुए मैंने कहा- हां”।

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जब इमरान से पूछा गया कि आपने पीएम मोदी और बीजेपी के बारे में क्रूर बातें कही हैं। आगे आपका क्या रास्ता है? इमरान ने इस सवाल के जवाब में कहा, “यह दुखद है कि आज हम कहां खड़े हैं। मैंने पत्र लिखे हैं, हम संबंधों को फिर से जोड़ना चाहते हैं।” इमरान ने कहा कि जब पीएम मोदी ने आतंकवाद के बारे में बात की तो मैंने उन्हें यह आश्वासन दिया कि हम सभी मिलकर आतंकवाद को खत्म करेंगे। हमारे बीच विश्वास की कमी होना एक समस्या है। हमारे विदेश मंत्रियों के बीच पिछले साल ही मुलाकात होनी थी लेकिन उन्होंने इसे रद्द कर दिया। हमने सोचा कि चुनावों के बाद उनके रुख में बदलाव आएगा।

पुलवामा (Pulwama) के बाद मैंने कहा कि हमें कोई भी सबूत दीजिए कि कोई पाकिस्तानी इस घटना से जुड़ा था। इसके बजाए भारत ने हम पर बम बरसाए। यहां तक कि हमने एक पायलट को भी बिना किसी सवाल के लौटाया। लेकिन भारत ने इसे हमारी कमजोरी माना। हमने पाया कि भारत FATF की ब्लैकलिस्ट में हमें शामिल कराने के लिए भी प्रयास कर रहा है। हमने महसूस किया है कि उनका एक एजेंडा है। जब अनुच्छेद 370 को हटाया गया, मैंने यह महसूस किया कि भारत सरकार RSS के एजेंडे पर चल रही है।

समस्या यह है, जब भी कोई बाहरी इसमें दखल देने की कोशिश करता है तो भारत कहता है कि यह द्विपक्षीय मुद्दा है लेकिन वे हमारे साथ द्विपक्षीय बातचीत नहीं करते। मैं यूएन में इस मसले में यूएन के दखल देने के लिए बातचीत करूंगा। अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से कश्मीरी हालातों के बारे में दावा करते हुए इमरान खान ने कहा, कश्मीरियों को उनके घरों में बंद कर दिया गया है। मैं अब भारत से बात कैसे कर सकता हूं? मैं चाहता हूं कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय कर्फ्यू हटाने की मांग करे।

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