चीन के बाद अब पाक की साजिश, सीमा पर तैनात भारतीय जवानों पर बड़े हमले की फिराक में BAT

यह जानना बेहद जरूरी है कि पाकिस्तान बैट (Border Action Team) आईएसआई (ISI), सेना व पाक रेंजर्स के बावजूद सरहद पर क्यों इस्तेमाल करती है? दरअसल बैट में पाकिस्तानी सेना के एनएसजी के कमांडो के अलावा कई दुर्दांत आतंकी होते हैं, जो कि सरहद पर आतंकियों की घुसपैठ कराने के लिए स्नाइपर राइफल से हमले करते और निशाना बना कर भाग जाते हैं।

Border Action Team

Border Action Team

पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ जारी तनातनी के बीच पाकिस्तानी (Pakistan) खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) का मानसून के दौरान अपनी बॉर्डर एक्शन टीम (Border Action Team) के जरिए सरहद पर बड़े हमले की तैयारी में है। सूत्रों का कहना है कि बैट के जरिए आतंकियों की घुसपैठ तथा सरहद पर तैनात भारतीय जवानों को निशाना बनाया जा सकता है, जिसे लेकर तमाम सुरक्षा एजेंसियां सतर्क स्थिति में बताई जाती हैं।

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पाकिस्तान की दिशा में बने लांचिंग पैड्स पर करीब 300 आतंकी घातक हथियारों के साथ मौजूद हैं। यह तमाम आतंकी जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा, हिजबुल मुजाहिदीन और अल बदर आतंकी तंजीमों से हैं। इन आतंकियों को जिन रास्तों से घुसपैठ कराई जा सकती है, उन तमाम रास्तों पर पहरा कड़ा कर दिया गया है। ऐसे करीब 20 संवेदनशील रास्ते बताए जाते हैं।

घाटी में सुरक्षाबलों द्वारा चलाए जा रहे अभियानों के कारण बड़ी तादाद में आतंकी व आतंकी कमांडर मारे गए हैं जिससे पाकिस्तान की बौखलाहट बढ़ गई है। घाटी में मौजूद पाकिस्तान के आतंकियों के पास अब हथियारों की कमी हो रही है। गत 20 जून को भारत पाक सीमा के हीरानगर सेक्टर में चौकस बीएसएफ जवानों ने एक चीन निर्मित हैक्सा कॉक्टर ड्रोन मार गिराया था। ड्रोन में अमेरिका निर्मित एम4 कार्बाइन मशीन के अलावा चीन निर्मित हैंड ग्रेनेड भी मिले थे। इसके बाद खुफिया एजेंसियों के कान खड़े हो गए। चूंकि ड्रोन के जरिए हथियार व गोला बारूद की तस्करी किए जाने के पाकिस्तान की यह पहली बड़ी कोशिश विफल हुई थी। यह हथियार जैश के कमांडर किसी अली भाई को दिए जाने थे।

न केवल सरहद पार से आतंकियों के लिए अमेरिका व चीन निर्मित गोला बारूद व हथियार भेजने की कोशिशें की जा रही है, बल्कि पाकिस्तान की कुख्यात बैट (Border Action Team) के पास भी घातक राइफल्स हैं। इससे वह भारतीय पोस्टों पर तैनात जवानों को लगातार निशाना बनाने में लगे हैं। पाकिस्तानी बैट की ओर से ऑस्ट्रिया, रूस व अमेरिका निर्मित राइफल्स इस्तेमाल की जा रही हैं। इनमें अमेरिकी निर्मित एम-107 लांग रेंज स्नाइपर राइफल बेहद घातक साबित होती है।

यह जानना बेहद जरूरी है कि पाकिस्तान बैट (Border Action Team) आईएसआई (ISI), सेना व पाक रेंजर्स के बावजूद सरहद पर क्यों इस्तेमाल करती है? दरअसल बैट में पाकिस्तानी सेना के एनएसजी के कमांडो के अलावा कई दुर्दांत आतंकी होते हैं, जो कि सरहद पर आतंकियों की घुसपैठ कराने के लिए स्नाइपर राइफल से हमले करते और निशाना बना कर भाग जाते हैं। सन् 1999 में करगिल घुसपैठ में भी बैट ने साजिश को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई थी।