आतंकियों के साथ गिरफ्तार गद्दार डीएसपी दविंदर सिंह का ISI कनेक्शन

Davinder Singh

दविंदर सिंह (Davinder Singh) क्या पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) के लिए काम करता थाॽ पुलिस–प्रशासन में कहीं कोई अधिकारी उसका साथी तो नहीं था, पूछताछ में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) इन्हीं सवालों के तलाश रही जवाब।

Davinder Singh
Investigations have revealed that Davinder Singh paid three visits to Bangladesh in 2019 and stayed there for many days. Sources say two of his daughters are currently studying in Bangladesh but the security agencies fear that the real purpose of his visit could be an ISI connection.

जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों के साथ पकड़़ा गया वर्दी वाला गद्दार कश्मीर का ड़ीएसपी दविंदर सिंह (Davinder Singh) क्या पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए काम करता थाॽ क्या उसके संबंध आतंकवादियों से थेॽ क्या वह पैसे लेकर आतंकियों को पनाह देता थाॽ इन तमाम बातों का खुलासा दविंदर सिंह (Davinder Singh) धीरे–धीरे एनआईए के सामने कर रहा है। उसकी गिरफ्तारी के बाद कई सवाल उठ खड़े़ हुए हैं‚ मसलन क्या पहले से उस पर किसी को किसी तरह का शक नहीं था‚ दविंदर के इस राज का कोई और तो राजदार नहीं है‚ जो उसे बार–बार बचाता रहा है। फिलहाल एनआईए ने निलंबित ड़ीएसपी का पकड़े़ गए आतंकियों से आमना–सामना नहीं करवाया है।

सूत्रों के अनुसार‚ अब तक की जांच में इसका पता चला है कि दविंदर (Davinder Singh) के संबंध पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) से भी थे। यह भी मालूम हुआ है कि उसके संबंध आतंकी इरफान से भी थे‚ जो मूल रूप से कश्मीर का रहने वाला है और फिलहाल पीओके में रह रहा है। इरफान हिजबुल प्रमुख सैयद सलाउद्दीन के काफी करीबी है। सूत्रों के अनुसार‚ जांच के दौरान पहले तो दविंदर यह कहता रहा कि वह देश के लिए काम करता था। उसने आतंकियों की गोली भी खाई है। लेकिन अब धीरे–धीरे टूटने लगा है। उसके इस आरोप को कि इस मामले में कई अन्य अधिकारियों की भी भूमिका है‚ जांच एजेंसी बेहद गंभीरता से ले रही है। सूत्रों के अनुसार‚ प्रवर्तन निदेशालय भी इसकी तफ्तीश कर रहा है कि कहीं दविंदर से फंडिंग तो नहीं की जा रही थी।

जांच में इस बात की भी पुष्टि हुई है कि वह आतंकियों को न सिर्फ अपने घर पर‚ बल्कि अन्य जगहों पर भी महफूज ठिकाना उपलब्ध कराता था। उन्हें वह हथियार भी उपलब्ध कराता था। बदले में उनसे मोटी रकम लेता था। जांच में इस बात का पता भी चला है कि वह कई बार आतंकियों की वेशभूषा भी बदलकर उन्हें एक जगह से दूसरी जगह ले जाता था। पकड़े गए आतंकी नावेद से पूछताछ और एकत्र की गई कुछ जानकारियों से यह मालूम हुआ है कि दिल्ली‚ चंड़ीगढ़‚ पंजाब में आतंकी धमाका करने की उसकी साजिश थी। दक्षिण कश्मीर के खासकर त्राल‚ शोपियां के कुछ आतंकी भी उसके संपर्क में थे। सूत्रों के अनुसार‚ पकड़़ा गया नावेद 2017 में पुलिस में था। बाद में वह पुलिस के हथियार के साथ फरार हो गया था। इसके बाद वह ड़ीएसपी दविंदर (Davinder Singh) के संपर्क में बना रहा। आखिर कौन–कौन से पुलिस अधिकारी‚ नेता व अन्य नौकरशाह दविंदर के कारनामों को जानता था या फिर उसका हमदर्द था‚ इस बात की भी जांच चल रही है। सूत्र बताते हैं कि अभी तो शुरुआत है‚ हो सकता है कि जांच की आंच बहुत दूर तक जाए।

इतिहास में आज का दिन – 21 जनवरी

सूत्रों के अनुसार‚ जांच में यह मालूम हुआ है कि दविंदर (Davinder Singh) त्राल के हिजबुल मुजाहिदीन कमांड़र मोहम्मद बिन कासिम‚ उमर फैयाज लोन व मुख्तार हसन अली जैसे आतंकियों के संपर्क में था और उसे हवाला के जरिए भी इनके मार्फत पैसा मिलता था। इस बात की भी जांच की जा रही है कि कहीं उसके संबंध उग्रवादी संगठन खालसा से तो नहीं हैं‚ क्योंकि कश्मीर में आतंकी सैफुल इस्लाम खालसा आतंकियों को हथियार आपूर्ति का काम कर रहा है।

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