NIA ने नक्सली परशुराम सिंह सहित 2 से की पूछताछ, नक्सलियों को पहुंचाते थे हथियार

एनआईए (NIA) ने झारखंड और बिहार के नक्सलियों (Naxalites) को हथियार सप्लाई करने के मामले में नक्सली परशुराम सिंह समेत दो से पूछताछ की है।

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बीते 22 जून को इस केस को एनआईए (NIA) ने टेकओवर किया था। एनआईए ने मामले को टेकओवर कर मामला दर्ज किया है। एनआईए की रांची ब्रांच को जांच की जिम्मेदारी दी गई है। 

एनआईए (NIA) ने झारखंड और बिहार के नक्सलियों (Naxalites) को हथियार सप्लाई करने के मामले में नक्सली परशुराम सिंह समेत दो से पूछताछ की है। एनआईए ने दस दिनों तक दोनों को अपनी कस्टडी में रखकर पूछताछ की। बता दें कि हार्डकोर नक्सली परशुराम सिंह बिहार और झारखंड के नक्सलियों को हथियार सप्लाई करता था।

बीते 22 जून को इस केस को एनआईए (NIA) ने टेकओवर किया था। एनआईए ने मामले को टेकओवर करते हुए कांड संख्या आरसी 11/2021 दर्ज किया है। एनआईए की दिल्ली ब्रांच ने एनआईए की रांची ब्रांच को जांच की जिम्मेदारी दी है। एनआईए रांची के डीएसपी सुबोध शर्मा के नेतृत्व में मामले की जांच की जा रही है।

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गौरतलब है कि नक्सली परशुराम बिहार के जहानाबाद जिले के करौना ओपी के बिस्तौल गांव के रहने वाला है, जबकि दूसरा नक्सली संजय सिंह गया जिले के अलीपुर थाना क्षेत्र के बोहिया गांव के रहने वाला है।

मजदूर बनकर पुलिस की आंखों में झोंक रहा था धूल

जानकारी के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद यह बात सामने आई थी कि इन नक्‍सलियों को बंगाल से निर्मित और अर्द्धनिर्मित हथियार भेजे जाते थे। इन्‍हें पूरी तरह तैयार करके झारखंड और बिहार के जंगलों में नक्सलियों को भेजा जाता था। परशुराम सिंह पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए गांव में साधारण मजदूर की तरह रहता था।

पूछताछ में यह बात सामने आई कि वह लंबे समय से झारखंड के जंगलों में हथियारों की सप्लाई करता था। एनआईए ने इस मामले में परशुराम सिंह समेत चार के ऊपर केस दर्ज किया है। इनमें परशुराम सिंह, संजय सिंह, उमेश यादव, गौतम कुमार शामिल हैं।

इस मामले में एनआईए (NIA) ने आर्म्स एक्ट की धारा 25 (1-B), A, 26, 35.यूएपी की धारा 16,17,18,19,20, 38 और 40. विस्फोटक अधिनियम 4 और 5 और सीएलए एक्ट की धारा 17 के तहत मामला दर्ज किया है।

ये है पूरा मामला

दरअसल, बीते 31 मार्च को नक्सलियों के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया था। बिहार एसटीएफ की टीम ने करौना ओपी के बिस्तौल में कार्रवाई करते हुए भाकपा माओवादी के पोलित ब्यूरो के सदस्य रहे अरविंद सिंह उर्फ देव कुमार सिंह के नेटवर्क से जुड़े परशुराम सिंह समेत नक्सली सप्लायरों को गिरफ्तार किया था। सुरक्षाबलों ने उनके पास से भारी मात्रा में हथियार और विस्फोट बरामद किए गए थे।

इसमें परशुराम सिंह के घर से राइफल, गोली, मैगजीन, हैंड ग्रेनेड सहित भारी मात्रा में विस्फोटक के साथ दो हार्डकोर नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया था। परशुराम के अलावा नक्सली संजय सिंह भी पुलिस के हत्‍थे चढ़ा था।

ये हथियार हुए थे बरामद

उनके पास से एक रायफल, 25 जिंदा कारतूस, सात मैगजीन, पांच अर्द्धनिर्मित ग्रेनेड के अलावा 7248 ग्रेनेड के पार्ट्स भी मिले थे. छापेमारी के दौरान 605 डेटोनेटर, प्लाइंट 315 बोर की 1 रेगुलर राइफल, 7 मैग्जीन, 6 राइफल बोल्ट, 2 वायरलेस सेट, 25 राउंड गोली, पुलिस कमांडों के 3 यूनिफार्म, 1 बंडल तार, आईईडी बनाने के लिए मेटलिक बॉडी, 20 राइफल सीलिंग, ग्रेनेड बनाने के लिए 279 मेटलिक सेल, सेफ्टी फ्यूज, डायनमो, ग्रेनेड का सेफ्टी कैच 685, परक्यूशन कैप 62, स्राइक स्प्रिंग 2, रबर वॉशर 786, नक्सली साहित्य, अर्द्ध निर्मित ग्रेनेड 5, हैंड ग्रेनेड पार्टस 28, ड्रिल मशीन 1, 3 ग्रेनेड लांचिंग बेस बरामद किए गए थे।

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