टेरर फंडिंग के मामले में NIA के हाथ लगे अहम सुबूत, कंस्ट्रक्शन कंपनी के कर्मचारी को लिया था रिमांड पर

टेरर फंडिंग (Terror Funding) के मामले में झारखंड (Jharkhand) की राजधानी रांची से एनआईए (NIA) के हत्थे चढ़े कंस्ट्रक्शन कंपनी के कर्मचारी मनोज चौधरी ने कई राज उगले हैं।

NIA

फाइल फोटो।

टेरर फंडिंग (Terror Funding) के मामले में झारखंड (Jharkhand) की राजधानी रांची से एनआईए (NIA) के हत्थे चढ़े कंस्ट्रक्शन कंपनी के कर्मचारी मनोज चौधरी ने कई राज उगले हैं। बता दें कि मनोज चौधरी को 4 दिनों के लिए एनआईए की टीम ने रिमांड पर लिया था। इस दौरान एनआईए ने मनोज चौधरी से टेरर फंडिंग से संबंधित कई मामले को उजागर करने में और अहम सुबूत जुटाने में मदद मिली है।

फिलहाल, अदालत में पेशी के बाद उसे होटवार जेल में भेज दिया गया है। बता दें कि रांची के कृपाल सिंह कंस्ट्रक्शन कंपनी में काम करने वाले मनोज चौधरी को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद टेरर फंडिंग की आशंका को देखते हुए एनआईए (NIA) ने राम कृपाल सिंह कंस्ट्रक्शन कंपनी के ठिकाने पर छापेमारी कर कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किया था।

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दस्तावेजों की बरामदगी के बाद मनोज को रिमांड में लेते हुए एनआईए ने पूछताछ शुरू की थी। एनआईए ने खुलासा किया था कि गिरिडीह थाना क्षेत्र में राम कृपाल सिंह कंस्ट्रक्शन द्वारा डुमरी गिरिडीह मुख्य मार्ग का निर्माण करवाने के दौरान नक्सलियों को लेवी दिया गया था। गौरतलब है कि नक्सल फंडिंग में कंपनी का कनेक्शन मिलने के बाद 2 जून को NIA की टीम रांची में कचहरी रोड के पंचवटी प्लाजा स्थित रामकृपाल कंस्ट्रक्शन कंपनी के दफ्तर में छापेमारी की थी।

झारखंड में एनआईए (NIA) की टीम ट्रेडिंग से जुड़े दर्जनों मामलों की जांच कर रही है। इसी क्रम में टीम ने गिरिडीह के डुमरी क्षेत्र से गिरफ्तार एक नक्सली (Naxali) से भी इस मामले में पूछताछ की है, जिससे यह पता चला है कि राम कृपाल सिंह कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा नक्सलियों को लेवी पहुंचाया गया था।

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बता दें कि पिछले बुधवार को एनआईए (NIA) की टीम गिरिडीह जिले के डुमरी स्थित अकबर की 10 गांव में पहुंची थी, जहां टीम ने 2 साल पहले गिरिडीह पुलिस द्वारा पकड़े गए एक दर्जन से अधिक इनामी नक्सलियों (Naxals) और नक्सलियों के पास से भारी मात्रा में हथियार की बरामदगी कि मामले की जांच की थी।

टीम अपने साथ इस मामले में पकड़े गए एक अभियुक्त को रिमांड पर लेकर आई थी। साथ में लाए गए अभियुक्त से टीम ने नक्सलियों के गांव पहुंचने के रास्ते, ठहरने के ठिकाने, नक्सलियों द्वारा गांव में की जाने वाली गतिविधियों और अन्य नक्सलियों के संबंध में जानकारी ली थी। बताया जाता है कि इस जांच में टीम को नक्सलियों (Naxaltes) के संबंध में कई अहम जानकारियां मिली।

बता दें कि 5 मार्च, 2018 को गिरिडीह पुलिस ने गुप्त सूचना पर अकबकी टांड में छापेमारी कर 29 उग्रवादियों को पकड़ा था। साथ ही उग्रवादियों के पास से भारी मात्रा में हथियार और कारतूस बरामद किया था। इन गिरफ्तार नक्सलियों में एक 25 और दो 5-5 लाख के इनामी नक्सली भी शामिल थे।

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