Jharkhand: टेरर फंडिंग मामले में NIA को मिली बड़ी कामयाबी, गिरिडीह से 25 लाख का इनामी नक्सली गिरफ्तार

गिरिडीह से एनआईए (NIA) ने भाकपा माओवादियों से जुड़े टेरर फंडिंग (Terror Funding) केस में 25 लाख के इनामी नक्सली सुनील मांझी उर्फ सुनील सोरेन को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार नक्सली सुनील भाकपा माओवादी की झारखंड-बिहार स्पेशल एरिया कमेटी ( सैक) का सदस्य है।

NIA

फाइल फोटो।

झारखंड (Jharkhand) में नक्सलियों के खिलाफ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। गिरिडीह जिले से एनआईए (NIA) ने भाकपा माओवादियों से जुड़े टेरर फंडिंग (Terror Funding) के मामले में 25 लाख के इनामी नक्सली सुनील मांझी उर्फ सुनील सोरेन को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार नक्सली सुनील भाकपा माओवादी की झारखंड-बिहार स्पेशल एरिया कमेटी ( सैक) का सदस्य है।

नक्सली (Naxali) सुनील मांझी गिरिडीह के मुधबन के लहरबेड़ा का रहने वाला है। उसके खिलाफ झारखंड और बिहार में कई नक्सली वारदातों को अंजाम देने का आरोप है। गिरफ्तारी के बाद सुनील मांझी को रांची में एनआईए (NIA) की विशेष अदालत में पेश किया गया। जिसके बाद एनआईए ने सैक सदस्य सुनील को चार दिनों की रिमांड पर लिया है। सेक्टर दो स्थित कैंप ऑफिस में सुनील से पूछताछ की जाएगी।

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जानकारी के मुताबिक, अपनी शुरुआती जांच में एनआईए ने पाया है कि सुनील मांझी गिरिडीह के पारसनाथ एरिया में सक्रिय था। उस इलाके में होने वाली विकास योजनाओं से जरिए सुनील ने करोड़ों की लेवी वसूल की है, जिसका इस्तेमाल नक्सली संगठन से जुड़ी गतिविधियों में किया गया है।

दरअसल, गिरिडीह पुलिस ने 22 जनवरी, 2018 को अकबकीटांड से मनोज कुमार को गिरफ्तार किया था। माओवादी समर्थक मनोज के पास से पुलिस ने छह लाख रुपये बरामद किए थे। जांच में यह बात सामने आई थी कि आरके कंस्ट्रक्शन के लिए काम करने वाला मनोज दूसरे कंस्ट्रक्शन कंपनियों से भी पैसे वसूली कर माओवादी संगठन तक पहुंचाता था।

तब इस मामले में डुमरी थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। बाद में 22 जुलाई, 2018 को इस केस को एनआईए (NIA) ने टेकओवर किया था। पिछले महीने एनआईए (NIA) ने इस मामले में रांची स्थित आरके कंस्ट्रक्शन कंपनी के ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस जांच के क्रम में ही एनआईए (NIA) ने गिरिडीह से नक्सली सुनील मांझी को गिरफ्तार किया है।

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