NIA ने नक्सलियों की अवैध संपत्ति से जुड़े मामले में एक शख्स को किया गिरफ्तार

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने नक्सलियों (Naxals) की अवैध संपत्ति से जुड़े मामले में एक शख्स को कोलकाता से गिरफ्तार किया है। झारखंड  (Jharkhand) में नक्सलियों के निवेशक मनोज चौधरी को एनआईए ने 1 मई को कोलकाता से गिरफ्तार कर रांची ले आई।

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NIA ने नक्सलियों की अवैध संपत्ति से जुड़े मामले में एक शख्स को गिरफ्तार किया है।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने नक्सलियों (Naxals) की अवैध संपत्ति से जुड़े मामले में एक शख्स को कोलकाता से गिरफ्तार किया है। झारखंड  (Jharkhand) में नक्सलियों के निवेशक मनोज चौधरी को एनआईए ने 1 मई को कोलकाता से गिरफ्तार कर रांची ले आई। 3 मई को एनआईए ने मनोज को रिमांड पर लिया। उससे पूछताछ शुरू कर दी गई है। दरअसल, मनोज चौधरी का नाम बड़े नक्सलियों की अवैध संपत्ति से जुड़े मामले में आया था, जिसके बाद एनआईए के आदेशा पर गिरिडीह पुलिस ने उसकी सारी संपत्ति को सील कर दिया था।

सूत्रों के अनुसार, मनोज चौधरी ने एनआईए (NIA) को 10 लाख के इनामी नक्सली (Naxali) राम दयाल महतो, कृष्णा दा, 25 लाख के इनामी नक्सली स्पेशल एरिया कमेटी के सदस्य अजय महतो उर्फ टाइगर चंचल उर्फ वीरसेन, एक करोड़ के इनामी व सेंट्रल कमिटी मेंबर प्रयाग मांझी, पतिराम मांझी उर्फ तूफान उर्फ अनल दा सहित कई नामी-गिरामी नक्सलियों (Naxalites) की संपत्ति के निवेश के बारे में बताया है।

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बता दें कि एनआइए (NIA) की टीम मनोज चौधरी को कोलकाता से गिरफ्तार कर रांची लाई, जहां उसे एनआईए की विशेष अदालत में पेश किया गया। इसके बाद उसे 7 दिन की रिमांड की मांग की गई, पर अदालत ने 5 दिन दिए हैं। माना यह जा रहा है कि इन 5 दिनों में एनआईए (NIA) को मनोज चौधरी से नक्सलियों (Naxals) के निवेश के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।

कौन है मनोज चौधरी?

मनोज चौधरी मुख्य रूप से झारखंड के गिरिडीह जिले के नक्सलवाद (Naxalism) प्रभावित पीरटांड़ का रहने वाला है। पहले वह तोता बेचकर अपनी रोजी रोटी चलाता था। पर गिरिडीह में नक्सलियों (Naxals) के संपर्क में आने के बाद से उसने उनके जमा किए गए रंगदारी के पैसों को निवेश कर उन्हें भारी-भरकम लाभ पहुंचाने का काम करने लगा।

मनोज चौधरी ने लेवी के पैसे से गिरिडीह शहर के प्रमुख क्षेत्रों में करोड़ों की जमीन खरीदी है। बता दें कि 3 साल से झारखंड पुलिस को मनोज की तलाश थी। वह फरार चल रहा था। बाद में झारखंड पुलिस (Jharkhand Police) के इस मामले को एनआईए ने टेकओवर कर लिया था। इसी केस में NIA ने 1 मई को कोलकाता के हुगली से उसे गिरफ्तार किया।

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