नक्सलियों का खूंरेजी चरित्र फिर आया सामने, अपने ही कमांडर को उतारा मौत के घाट

नक्सली गुड्डी के मारे जाने के बाद नक्सलियों ने अपने ही कमांडर मंगल पर पुलिस के लिए जासूसी करने का आरोप लगाया था।

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छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में नक्सलियों ने अपने एक कमांडर की हत्या कर दी।

जो दूसरों के लिए गड्ढे खोदता है, एक दिन वही खुद उस गड्ढे में गिर जाता है। हिंसा और आतंक का पर्याय बन कर मासूमों की जान लेने वाला एक दिन खुद उसी हिंसा का शिकार होता है। इसकी एक बानगी देखने को मिली छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में, जहां नक्सलियों ने अपने ही एक कमांडर की हत्या कर दी। नक्सलियों ने अपने ही कमांडर की हत्या इसलिए की, क्योंकि उन्हें शक था कि वह पुलिस का मुखबिर है।

पुलिस के मुताबिक, मारा गया नक्सली मंगल हिरोली मिलिशिया कमांडर था। वह लंबे समय से नक्सलियों के लिए काम कर रहा था। पिछले दिनों पुलिस के साथ मुठभेड़ में नक्सली गुड्डी के मारे जाने के बाद नक्सलियों ने अपने ही कमांडर मंगल पर पुलिस के लिए जासूसी करने का आरोप लगाया था। खूंरेजी कौमों में वाद और तर्क की गुंजाइश तो होती नहीं। लिहाजा, 16 जून को नक्सली पल्ली गांव से मंगल को अगवा कर ले गए। इसके बाद उसी रात को नक्सलियों ने मंगल की हत्या कर दी।

पुलिस के मुताबिक, मंगल 2008 से नक्सल संगठन में काम कर रहा था। वहां वह जन मिलिशिया कमांडर के पद पर था। उसने न जाने कितने खून-खराबे किए और निर्दोष लोगों की जान ली। उस पर कई नक्सली घटनाओं में शामिल होने के लिए मुकदमे दर्ज थे। मारा गया नक्सली कमांडर मंगल श्यामगिरी बारूदी विस्फोट कांड में शामिल था। जिसमें विधायक भीमा मंडावी और चार जवान शहीद थे। प्रशासन की ओर से मंगल पर एक लाख का इनाम भी रखा गया था। पर खूंरेजी चरित्र वाले नक्सलियों ने उसे मौत के घाट उतार दिया। उनकी इस हरकत ने ये भी साबित कर दिया है कि दरअसल को किसी के सगे नहीं हो सकते। वैसे भी नफरत और हिंसा से बना वजूद, अधित वक्त तक टिकता नहीं है।

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