नक्सलियों की नापाक हरकत, गिरिडीह में सड़क निर्माण को रोकने के लिए मचाया तांडव

कभी हक के लिए हथियार उठाने वाले नक्सली अब अपराधियों का संगठित गिरोह बन चुके हैं। ऐसे अपराधी जिनका काम सिर्फ लूट-पाट और हिंसा फैलाना रह गया है। लोकतंत्र में विश्वास है नहीं और विकास से डर लगता है इन्हें।

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सांकेतिक तस्वीर

कभी हक के लिए हथियार उठाने वाले नक्सली अब अपराधियों का संगठित गिरोह बन चुके हैं। ऐसे अपराधी जिनका काम सिर्फ लूट-पाट और हिंसा फैलाना रह गया है। लोकतंत्र में विश्वास है नहीं और विकास से डर लगता है इन्हें। इसलिए चुनाव के वक्त जगह-जगह हिंसा की वारदातों को अंजाम देने की फिराक में रहते हैं। विकास कार्यों में अड़ंगा लगाते हैं। उन्हें पता है कि अगर विकास ने पांव पसार लिए तो उनके पैर हमेशा के लिए उखड़ जाएंगे।

इसी कड़ी में झारखंड के गिरिडीह जिले में नक्सलियों ने विकास के रथ को रोकने की नापाक कोशिश की है। दरअसल, गिरिडीह के खुखरा थाना क्षेत्र में चिरकी-पलमा पथ का निर्माण हो रहा है। अब नक्सलियों को कैसे रास आता कि सड़क बन जाए, गांव वालों की जिंदगी आसान हो जाए। तो उन्होंने सड़क बनाने की मशीनों को ही जला दिया। नक्सलियों ने रात में निर्माण स्थल पर धावा बोला और मिक्सर मशीन, वाइब्रेटर मशीन तथा जनरेटर को आग के हवाले कर दिया।

गिरिडीह पुलिस घटना की जांच कर रही है और नक्सलियों की छानबीन में जुट गई है। लोकसभा चुनाव के समय नक्सली वारदातों के मद्देनजर गिरिडीह पुलिस और सीआरपीएफ की टीम ने जिले में अभियान तेज कर रखा है। इन दिनों नक्सलियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाने के लिए 14 अप्रैल को गिरिडीह के डुमरी थाना क्षेत्र अंतर्गत कानाडीह गांव में चुड़का सोरेन नामक एक निर्दोष आदिवासी युवक की पुलिस की मुखबिरी करने का आरोप लगाते हुए गोली मारकर हत्या कर दी थी। नक्सलियों ने घटना स्थल पर चुनाव का बहिष्कार करने संबंधी पर्चे भी छोड़े थे। इतना ही नहीं 16 अप्रैल की रात गिरिडीह के ही पीरटांड़ थाना क्षेत्र के बांध पंचायत के केंदुआडीह के चुड़का बास्के की निर्मम हत्या कर चिरकी नदी के किनारे फेंक दिया था।

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