11 लाख के इनामी नक्सली कमांडर सिद्धू कोड़ा की मौत, 3 दिन पहले STF ने किया था गिरफ्तार

झारखंड के दुमका से गिरफ्तार हुए 11 लाख के इनामी नक्सली (Naxali) कमांडर सिद्धू कोड़ा (Sidhu Koda) की मौत हो गई। सिद्धू को पटना एसटीएफ ने दुमका पुलिस की मदद से गिरफ्तार किया था। जिसके बाद सिद्धू कोड़ा को लेकर एसटीएफ की टीम जमुई आई और वहां उसके साथ उसकी निशानदेही पर जंगलों में छापेमारी की। छापेमारी के दौरान सिद्धू कोड़ा ने पेट और छाती में दर्द की शिकायत की जिसके बाद उसे पुलिस ने हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

Sidhu Koda
दुमका से गिरफ्तार हुए 11 लाख के इनामी नक्सली कमांडर सिद्धू कोड़ा की मौत हो गई।

11 लाख का था इनाम: दुमका से गिरफ्तार हुए 11 लाख के इनामी नक्सली कमांडर सिद्धू कोड़ा की मौत हो गई। सिद्धू (Sidhu Koda) को पटना एसटीएफ ने दुमका पुलिस की मदद से गिरफ्तार किया था। जिसके बाद सिद्धू कोड़ा को लेकर एसटीएफ कि टीम जमुई आई और वहां उसके साथ उसकी निशानदेही पर जंगलों में छापेमारी की।

किया था छाती में दर्द की शिकायत: छापेमारी के दौरान सिद्धू कोड़ा ने पेट और छाती में दर्द की शिकायत की थी। जिसके बाद उसे पुलिस ने हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सिद्धू कोड़ा पर झारखंड सरकार ने एक लाख का इनाम घोषित किया था और बिहार सरकार ने 10 लाख इनाम घोषित कर रखा था।

जमुई की रहने वाला था सिद्धू कोड़ा: नक्सली कमांडर सिद्धू कोड़ा (Sidhu Koda) जमुई जिले के चकाई का रहने वाला था। बिहार एसटीएफ की टीम ने दुमका पुलिस के साथ मिलकर दुमका से नक्सली कमांडर सिद्धू कोड़ा को नाटकीय ढंग से गिरफ्तार किया था। गुप्त सूचना के आधार पर बिहार एसटीएफ ने दुमका पुलिस की सहयोग से शहर से सटे इलाके में 21 फरवरी की देर रात छापेमारी की और सिद्धू कोड़ा को गिरफ्तार किया था।

3 दिन पहले हुआ था गिरफ्तार: बिहार के जमुई जिले में तीन दिन पहले गिरफ्तार हुए नक्सली की निशानदेही पर सिद्धू कोड़ा की गिरफ्तारी की गई थी। जानकारी मिली थी कि सिद्धू कोड़ा लेवी की रकम वसूलने के लिए दुमका जानेवाला था। इसी क्रम में उसे एसटीएफ ने धर दबोचा। संताल परगना से सटे बिहार के इलाकों में होने वाले कई नक्सली कांडों में सिद्धू कोड़ा की संलिप्तता रही है।

दुमका को बनाया था ठिकाना: लेवी की रकम वसूलने के लिए सुरक्षित ठिकाने के रूप में सिद्धू कोड़ा (Sidhu Koda) ने दुमका को चुना था, क्योंकि दुमका-पाकुड़ इलाके में उसके खिलाफ कोई भी मामला दर्ज नहीं था। स्पेशल एरिया कमेटी का सचिव और नक्सली कमांडर सिद्धू कोड़ा का दस्ता बिहार के जमुई और झारखंड के गिरिडीह जिले से सटे इलाकों में काफी सक्रिय रहा है।

इन इलाकों में था सक्रिय: जमुई जिले के चकाई थाना क्षेत्र के तेलंगा, मंझलाडीह, गुरुडबाद बरामोरिया, बोंगी, पोझा के इलाकों में सक्रिय है। साथ ही जिले से सटे झारखंड के सीमावर्ती जिला गिरिडीह के भेलवाघाटी थाना क्षेत्र के पहाड़ी और जंगली इलाकों में भी उसका दस्ता सक्रिय है।

वारदात को अंजाम देकर दूसरे राज्य में कर जाता था प्रवेश: दो राज्यों के सीमावर्ती पहाड़ों और जंगलों में सक्रिय होने के कारण वारदात को अंजाम देकर दूसरे राज्य में प्रवेश कर जाने की वजह से वह पुलिस के हाथ नहीं आ रहा था। जोनल कमांडर सिद्धू कोड़ा (Sidhu Koda) की मौत से जमुई और गिरिडीह इलाके से नक्सली गतिविधियां में कमी आने की संभावना जताई जा रही है।

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