केंद्र सरकार के प्रयासों का नतीजा, नक्सली घटनाओं में आई 38% से अधिक की कमी

नक्सलवाद को उखाड़ फेंकने के लिए केंद्र सरकार के प्रयासों का नतीजा है कि देशभर में नक्सली हिंसा में कमी आई है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, नक्सली घटनाओं (Naxal Violence) में 38% से अधिक की कमी आई है। साथ ही सुरक्षा बलों के मारे जाने की संख्या में भी कमी हुई है। दरअसल, नक्सल हिंसा से निपटने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने इस बात की जानकारी राज्यसभा में दी।

Naxal Violence
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, नक्सली घटनाओं में 38% की कमी आई है। (फाइल फोटो)

रेड्डी ने कहा कि सरकार नक्सली हिंसा से निपटने के लिए लगातार उपाय कर रही है और यही कारण है की नक्सली हिंसा (Naxal Violence) की गतिविधियों में साल 2014 के मुकाबले साल 2019 में 38% से भी अधिक कमी दर्ज की गई है। साल 2015 में नक्सली घटनाओं की संख्या 1089 थी, जबकि साल 2016 में यह संख्या 1048 थी। साल 2017 में 908, साल 2018 में 833 और साल 2019 में यह संख्या घटकर 670 पहुंच गई।

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केंद्रीय गृह राज्य मंत्री ने बताया कि इस साल फरवरी महीने तक नक्सलवाद की कुल 123 घटनाएं हुईं। इसके अलावा नक्सली हिंसा  (Naxal Violence) में मारे गए सुरक्षाकर्मियों की संख्या में भी काफी कमी आई है। आंकड़ों के अनुसार, साल 2015 में 56, साल 2016 में 65, साल 2017 में 75 साल, 2018 में 67 और 2019 में 52 सुरक्षाकर्मी नक्सली घटना में मारे गए। वहीं, इस साल फरवरी महीने तक 5 सुरक्षाकर्मियों की जान नक्सली हिंसा (Naxal Violence) में गई है।

उन्होंने यह भी बताया कि साल 2015 में 89 नक्सली मारे गए। साल 2016 में 222, साल 2017 में 136, साल 2018 में 225 और साल 2019 में 145 नक्सली मारे गए। वहीं, इस साल फरवरी तक पांच नक्सली मारे गए हैं। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री ने यह भी बताया कि नक्सलवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों में नक्सलियों से मिपटने के लिए बड़े, मध्यम और माइक्रो मानवरहित हवाई वाहन यानी जीव एबी तैनात किए गए हैं।

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