ओडिशा- मलकानगिरी के जंगलों में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़, एक नक्सली ढेर

दशकों तक विकास से अछूता रहे मलकानगिरी जिले में हो रहे विकास कार्य नक्सलियों (Naxali) को पसंद नहीं आ रही है और इसी वजह से नक्सली फिर से मलकानगिरी इलाके में अपनी पैठ बनाने के प्रयास में लगे हैं।

Naxalites

सांकेतिक तस्वीर

ओडिशा में मलकानगिरी के माथिली थाना क्षेत्र के मडकापदर गांव के नजदीक नुनखरी जंगल में सुरक्षाबलों के संयुक्त दल और सीपीआई (माओवादी) संगठन के नक्सलियों (Naxali) के बीच हुई एनकाउंटर में एक नक्सली की मौत हो गई, जबकि अन्य भागने में सफल रहे। इस घटना के बाद पूरे इलाके में छानबीन शुरू कर दिया गया है साथ ही पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश की पुलिस को इस घटना की सूचना दे दी गई है। जिसके बाद सीमा के उस पार आंध्र प्रदेश पुलिस ने भी सघन सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है।

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मलकानगिरी जिले के एसपी ऋषिकेश खिलारी के अनुसार, नुनखरी जंगल में आंध्र प्रदेश-ओडिशा बॉर्डर स्पेशल जोनल कमेटी के नक्सली नेताओं की बैठक सुनियाोजित थी। गुप्त सूचना के बाद शनिवार के दिन डीवीएफ, एसओजी, बीएसएफ और ओडिशा पुलिस के जवानों की संयुक्त टीम को सर्च ऑपरेशन के लिए रवाना किया गया था। ये टीम अपनी छानबीन के दौरान जैसे ही नुनखरी के जंगलों में पहुंचे, तभी नक्सलियों (Naxali) ने उनपर फायरिंग शुरु कर दी। ऐसे में सुरक्षाबलों ने भी जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान करीब दो घंटे तक दोनों तरफ से लगातार फायरिंग होती रही।

इस घटना में सुरक्षाबलों की अंधाधुंध फायरिंग का सामना करने में असमर्थ नक्सली कवर फायरिंग की आड़ में घने जंगल का फायदा उठाकर भाग गए। एनकाउंटर थमने के बाद जब सुरक्षाबलों ने घटनास्थल का जायजा लिया तब उन्हें एक नक्सली का शव मिला। हालांकि खबर लिखे जाने तक उसकी उसकी शिनाख्त नहीं हो सकी है।

पुलिस को मारे गये नक्सली के पास से एक देसी बंदूक समेत एक पिस्तौल भी मिला। इसके अलावा, जंगल से 7.65 एमएम की 10 गोली, 15 किट बैग, 3 टिफ़िन बॉक्स, 2 थर्मस समेत कई अन्य सामग्री भी बरामद हुई है। इस घटना के पीछे पुलिस का मानना है कि दशकों तक विकास से अछूता रहे मलकानगिरी जिले में हो रहे विकास कार्य नक्सलियों (Naxali) को पसंद नहीं आ रही है और इसी वजह से नक्सली फिर से मलकानगिरी इलाके में अपनी पैठ बनाने के प्रयास में लगे हैं।

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