महेश भूपति को विरासत में मिली थी टेनिस खेलने की प्रतिभा, लिएंडर पेस के साथ किया दुनिया फतह

भूपति ने एशियाई खेलों में युगल मुकाबले में स्वर्ण पदक जीता था। 2004 में होने वाले एथेंस ओलंपिक में पुनः लिएंडर पेस के साथ जोड़ी के रूप में खेलने का निर्णय लिया। एस ओलंपिक में लिएंडर पेस और महेश भूपति (Mahesh Bhupathi) की जोड़ी से भारत को पदक की बहुत आशा थी।

Mahesh Bhupathi

Mahesh Bhupathi Birth Anniversary

महेश भूपति (Mahesh Bhupathi) ने टेनिस में लिएंडर पेस के साथ युगल मुकाबलों में शानदार सफलता अर्जित की है। दाहिने हाथ के इस खिलाड़ी की लम्बाई 6 फुट दो इंच है। उसका निवास मस्कट, ओमान तथा भारत में बैंगलोर है। टेनिस का खेल उनके परिवार के लिए कोई नया नहीं है। उनके पिता सी.जी.के. भूपति टेनिस के खिलाड़ी रहे और डेविस कप टीम के भी सदस्य रहे।

यह कहना गलत नहीं होगा कि कलकत्ता की तेज़ी (लिएंडर पेस) और बेंगलूर की ताकत (महेश भूपति) के मिलते ही टेनिस की दुनिया में धमाल हो गया और इस जोड़ी ने 1999 में दुनिया की हर जोड़ी के छक्के छुड़ा दिए। लिएंडर ने 1996 में भूपति के साथ युगल वर्ग का ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने की भविष्यवाणी की थी, तब उसका अच्छा-खासा मज़ाक बनाया गया और उसे छोटा मुँह बड़ी बात कहा गया क्योंकि उस समय इनकी जोड़ी विश्व क्रम में 80 वें क्रम पर थी। परन्तु दोनों ने हिम्मत नहीं हारी और सफलता के शिखर पर चढ़ते चले गए। इसके पूर्व किसी भारतीय जोड़ी का एक या दो चक्र जीतना ही बहुत बड़ी बात समझी जाती थी। परन्तु लिएंडर और महेश भूपति (Mahesh Bhupathi) की जोड़ी ने आठ ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट में से सात के सेमीफाइनल में प्रवेश किया, फिर उसके बाद पेस की कही बात सच साबित हुई जब इस युगल जोड़ी ने 1999 के फ्रेंच व विंबलडन खिताब जीते। ग्रैंड स्लैम के पहले पड़ाव आस्ट्रेलियाई ओपन में भी वह फाइनल में कड़े संघर्ष में हारी। महेश भूपति (Mahesh Bhupathi) के बारे में कहा जाता है कि वह लिएडर पेस के विपरीत अंतर्मुखी व संवेदनशील इंसान हैं। उस में जबर्दस्त पेशेवर परिपक्वता है। महेश भूपति (Mahesh Bhupathi) का पूरा नाम महेश श्रीनिवास भूपति है। उसकी रैंक युगल खेल में नम्बर 1 है। उसके शौक नेटवर्किंग और क्रिकेट खेलना है।

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1994-1995 में मिसीसिपी यूनिवर्सिटी में उसका दो वर्ष का शानदार कैरियर रहा। उसने ऑल अमेरिका का एकल व युगल खिताब 1995 में जीता। अली हमदेह के साथ जोड़ी बनाकर 1995 में एन.सी.सी.ए. की युगल चैंपियनशिप जीती। तब उसने युगल खिलाड़ी के रूप में नं. 1 तथा एकल खिलाड़ी के रूप में नं. 3 रैंक पाई। वह भारतीय डेविस कप टीम का 1995 से ही सदस्य है। 1996 में उसे ‘अर्जुन पुरस्कार दिया गया। 26 मार्च, 2001 को महेश भूपति (Mahesh Bhupathi) को लिएंडर पेस के साथ भारत सरकार द्वारा पद्मश्री सम्मान प्रदान किया गया।

वैसे महेश भूपति (Mahesh Bhupathi) और लिएंडर पेस की जोड़ी समय-समय पर टूटती रही है। वर्ष 2004 में एथेंस में होने वाले ओलंपिक में इस जोड़ी ने पुनः युगल रूप में खेला था। भूपति के कोच एनरिको पिपनो हैं। महेश भूपति (Mahesh Bhupathi) ने अपने कैरियर में 23 मैच हारे हैं। वह 1629993 अमेरिकी डालर इनाम में प्राप्त कर चुका हैं।

युगल खेलों में वर्ष 2004 में उसने 22,700 अमेरिकी डालर जीते हैं। भूपति को बम्बइया फिल्में देखना बहुत पसन्द है। वह फिल्मों की डी.वी.डी. अपने साथ लेकर चलता है। उसने वर्ष 2002 में मॉडल श्वेता जयशंकर से विवाह कर लिया।

भूपति ने पिछले एशियाई खेलों में युगल मुकाबले में स्वर्ण पदक जीता था। 2004 में होने वाले एथेंस ओलंपिक में पुनः लिएंडर पेस के साथ जोड़ी के रूप में खेलने का निर्णय लिया। एस ओलंपिक में लिएंडर पेस और महेश भूपति (Mahesh Bhupathi) की जोड़ी से भारत को पदक की बहुत आशा थी। ऐसा अनुमान था कि वे पेस के पिछले व्यक्तिगत पदक कांस्य से ऊपर रजत या स्वर्ण पदक जीतकर लौटेंगे। लेकिन अंत में भारत के हाथ निराशा ही लगी यह जोड़ी ओलंपिक में चौथे स्थान पर रहीं।

सदाबहार खिलाड़ी सितारे महेश भूपति (Mahesh Bhupathi) और लिएंडर पेस ने वर्ष 2006 में टेनिस कोर्ट पर कामयाबी का शानदार इतिहास लिख डाला। दिसंबर 2006 में दोहा में हुए एशियाई खेलों में इन दोनों ने पुरुष डबल्स जीतकर अपने प्रशंसकों से वाहवाही लूटी। 2006 में महेश भूपति (Mahesh Bhupathi) ने मार्टिना हिंगिस के साथ मिलकर आस्ट्रेलियन ओपन में मिक्सड डबल्स का खिताब जीता। यह महेश भूपति (Mahesh Bhupathi) के कैरियर का छठा मिक्सड डबल्स खिताब था।

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