स्पेशल ट्रेन 977 मजदूरों को लेकर पहुंची धनबाद, थर्मल स्क्रीनिंग के बाद बसों से भेजा गया घर

लॉकडाउन (Lock Down) के कारण केरल में फंसे झारखंड (Jharkhand) के मजदूरों को लेकर कोझिकोड-धनबाद स्पेशल ट्रेन धनबाद पहुंची। दो दिनों के सफर के बाद 4 मई दोपहर करीब 12 बजे ट्रेन नंबर-06081 कोझिकोड-धनबाद स्पेशल ट्रेन 977 मजदूरों को लेकर धनबाद स्टेशन पहुंची।

Lock Down

लॉकडाउन के कारण केरल में फंसे झारखंड के मजदूरों को लेकर कोझिकोड-धनबाद स्पेशल ट्रेन धनबाद पहुंची।

लॉकडाउन (Lock Down) के कारण केरल में फंसे झारखंड (Jharkhand) के मजदूरों को लेकर कोझिकोड-धनबाद स्पेशल ट्रेन धनबाद पहुंची। दो दिनों के सफर के बाद 4 मई दोपहर करीब 12 बजे ट्रेन नंबर-06081 कोझिकोड-धनबाद स्पेशल ट्रेन 977 मजदूरों को लेकर धनबाद स्टेशन पहुंची। यह ट्रेन लगभग 12 बजे धनबाद रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर पहुंची।

धनबाद स्टेशन पर सभी श्रमिकों का स्वागत गुलाब के फूल से किया गया। इसके बाद इन्हें पानी का बोतल और खाने का पैकेट दिया गया। धनबाद स्टेशन पर सभी मजदूरों की पहले स्क्रीनिंग की गई। इसके बाद उन्हें बसों में बिठाकर धनबाद के गोल्फ ग्राउंड पहुंचाया गया। गोल्फ ग्राउंड से जिलों के लिए निर्धारित बसों में बिठाकर मजदूरों को घर के लिए रवाना किया गया।

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स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी श्रमिकों की थर्मल स्क्रीनिंग में कुछ श्रमिक सन्दिग्ध भी पाए गए है। जिन्हें जांच के लिए अस्पताल भेज दिया गया है। गोल्फ ग्राउंड में अलग-अलग जिलों के लिए बसें खड़ी थीं। जिनसे श्रमिकों को रांची, रामगढ़, गिरिडीह, लोहरदगा, सिमडेगा समेत झारखंड के विभिन्न जिलों तक पहुंचाया जाएगा। इस दौरान यहां पहुंचे श्रमिकों ने वापस अपने राज्य पहुंचने पर सरकार के प्रति आभार प्रकट किया।

बता दें कि कोरोना वायरस (Corona Virus) से फैली महामारी को रोकने के लिए देश भर में किए गए लॉकडाउन (Lock Down) के बीच केंद्र सरकार ने स्‍पेशल ट्रेन्‍स चलाने की परमिशन दी है। लॉकडाउन की वजह से फंसे मजदूरों और अन्य लोगों की घर वापसी के लिए सरकार ने यह फैसला लिया है।

बता दें कि झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Hemnt Soren) ने मजदूरों की वापसी के लिए स्पेशल ट्रेन चलाने की मांग को लेकर रेलमंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) से बात की थी। सीएम ने रेलमंत्री से कहा था कि राज्यों को विशेष ट्रेनों की जरूरत होगी ताकि लॉकडाउन (Lock Down) की वजह से दूसरे राज्यों में फंसे छात्रों, प्रवासी मजदूरों को वापस लाया जा सके।

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