शहीद राजूराम का सैन्य सम्मान से हुआ अंतिम संस्कार, 250 फीट गहरी खाई में गिर गया था उनका वाहन

शहीद की 7 साल की बड़ी बेटी सरस्वती को जब पिता के निधन की खबर लगी तो उसने गम में खाना-पीना त्याग दिया है। वहीं 3 साल की छोटी बेटी शीनू को ये सब कुछ समझ में ही नहीं आ रहा कि आखिर सभी क्यों रोये जा रहे हैं। वो तो बस अपनी रोती मां से यही पूछ रही है कि… मम्मी तुम क्यों रो रही हो…? और इस सवाल पर सभी निशब्द हैं।

Martyr Rajuram

Martyr Rajuram

अरुणाचल प्रदेश के त्वांग क्षेत्र में ट्रक के खाई में गिरने से प्राण गंवाने वाले आर्मी में नायक राजूराम विश्नोई (Martyr Rajuram) का जोधपुर जिले के उनके पैतृक गांव फींच हमीर नगर में शनिवार को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार  किया गया। अरुणाचल प्रदेश में आर्मी सर्विस कोर की 505 बटालियन में तैनात नायक राजूराम पुत्र घेवरराम विश्नोई 13 मई को लूम्पो से तवांग जा रहे थे। रास्ते में उनका वाहन 250 फीट गहरी खाई में जा गिरा। जिसके कारण घटना स्थल पर ही वो शहीद हो गये।

नायक राजूराम (Martyr Rajuram) पार्थिव शरीर शनिवार सुबह सड़क मार्ग से दिल्ली से जोधपुर पहुंची। शहीद की पार्थिव देह पहुंचने पर गांव में लोगों ने देशभक्ति और भारत माता के नारे लगाने के साथ ही पुष्प वर्षा की। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित की गई। अंतिम संस्कार के समय सेना की एक टुकड़ी ने शहीद को गॉर्ड ऑफ ऑनर दिया।

लूणी विधायक महेन्द्रसिंह विश्नोई ने हमीरनगर पंहुचकर शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया था। जिला सैनिक कल्याण अधिकारी ले. कर्नल आरएस राठौड के अनुसार नायक शुक्रवार को वायुसेना के विशेष विमान में इटानगर से दिल्ली पहुंचा राजूराम का शव सडक मार्ग से जोधपुर लाया गया।

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शहीद नायक राजूराम (Martyr Rajuram) के निधन से पूरा गांव में गमहीन माहौल है। अरुणाचल प्रदेश के तवांग में तीन दिन पहले सडक हादसे में नायक राजूराम विश्नोई की मौत हो गई थी। राठौड ने बताया कि फींच निवासी राजूराम पुत्र घेवरराम विश्नोई आर्मी सर्विस कोर की 505 बटालियन में तैनात थे।

नायक राजूराम (Martyr Rajuram) के अकास्मिक शहादत से पूरा गांव शोकाकुल है। उनके बुढ़े दादा-दादी, मां-बाप, प्रेग्नेंट पत्नी सुगना देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। सभी अपने जाबांज राजूराम को याद करके उदास हो जाते हैं और फिर लोगों के जिक्र के बाद फूट-फूट कर रोने लगते हैं। शहीद की 7 साल की बड़ी बेटी सरस्वती को जब पिता के निधन की खबर लगी तो उसने गम में खाना-पीना त्याग दिया है। वहीं 3 साल की छोटी बेटी शीनू को ये सब कुछ समझ में ही नहीं आ रहा कि आखिर सभी क्यों रोये जा रहे हैं। वो तो बस अपनी रोती मां से यही पूछ रही है कि… मम्मी तुम क्यों रो रही हो…? और इस सवाल पर सभी निशब्द हैं।

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