LAC पर सैनिकों के बीच हिंसक झड़प, भारतीय सेना के अधिकारी सहित तीन जवान शहीद

लद्दाख (Ladakh) में भारत और चीन के वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर दोनों सेनाओं के बीच 15 जून देर रात झड़प हो गई, जिसमें भारतीय सेना (Indian Army) के एक अधिकारी और दो जवान शहीद हो गए।

LAC

फाइल फोटो।

लद्दाख (Ladakh) में भारत और चीन के वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर दोनों सेनाओं के बीच 15 जून देर रात हिंसक झड़प हो गई, जिसमें भारतीय सेना (Indian Army) के एक अधिकारी और दो जवान शहीद हो गए। सूत्रों के मुताबिक, चीन के भी कुछ सैनिक मारे गए हैं। हालांकि, चीन की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। दोनों ओर से पत्थरों का इस्तेमाल हुआ है।

1967 के बाद यह पहली बार है जब भारत-चीन सीमा (LAC) पर किसी सैनिक की शहादत हुई हो। सेना की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि, ‘गलवान घाटी में डि-एस्केलेशन प्रक्रिया के दौरान बीती रात दोनों सेनाओं का आमना-सामना हो गया, जिसमें हमारे जवान शहीद हुए। इनमें भारतीय सेना का एक अधिकारी और दो सैनिक शामिल हैं। दोनों पक्षों के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी मौजूदा तनाव कम करने के लिए बैठक कर रहे हैं।’ 

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अधिकारियों ने बताया कि भारतीय सेना अध्यक्ष (Army Chief)) जनरल मनोज मुकुंद नरवणे (General Manoj Mukund Naravane) ने 16 जून को पठानकोट की प्रस्तावित यात्रा रद्द कर दी है। इस मामले पर चीन के विदेश मंत्रालय ने टिप्पणी की है। चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि ‘यह भारत पर निर्भर है कि वह इस मामले को सहयोग से सुलझाएगा या फिर एकतरफा कार्रवाई करेगा।

पिछले करीब डेढ़ महीने से भारत और चीन सैनिकों के बीच लद्दाख में LAC तनातनी चल रही है। भारत की ओर से सड़क निर्माण का काम किए जाने पर आपत्ति जताते हुए बड़ी संख्या में चीनी सैनिक यहां आ गए थे। दोनों देशों में बातचीत चल रही थी। दोनों देशों के सैनिकों के पीछे हटने की खबरें आ रही थीं और माना जा रहा था कि जल्द ही यह तनाव खत्म हो जाएगा।

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बता दें कि गतिरोध शुरू होने के बाद भारतीय सैन्य नेतृत्व ने फैसला किया था कि भारतीय सैनिक पैंगोंग सो, गलवान घाटी, डेमचोक तथा दौलत बेग ओल्डी के सभी विवादित क्षेत्रों में चीनी सैनिकों के आक्रामक अंदाज से निपटने के लिए कड़ा रुख अपनाएंगे।

गौरतलब है कि भारतीय और चीनी सैनिकों में पैंगोंग सो इलाके में पांच मई को हिंसक झड़प हुई थी जिसके बाद से दोनों पक्ष वहां आमने-सामने थे और गतिरोध बरकरार था। यह 2017 के डोकलाम घटनाक्रम के बाद सबसे बड़ा सैन्य गतिरोध बन रहा था। बता दें कि दोनों देशों के बीच मौजूदा तनाव को लेकर एक उच्च स्तरीय वार्ता छह जून को हुई थी।

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