लेवी वसूल कर गायब होने में माहिर! साथी के साथ धरा गया 11 लाख का इनामी नक्सली

यह नक्सली एक राज्य में वारदात को अंजाम देकर दूसरे राज्य में जाकर छिप जाता था। दो राज्यों के सीमावर्ती जंगली और पहाड़ी इलाके इसकी पनाहगाह थे। दो राज्यों की पुलिस के लिए यह सिरदर्द बना हुआ था। लेकिन आखिरकार इस इनामी नक्सली को एसटीएफ ने धर दबोचा। झारखंड और बिहार में सक्रिय खूंखार इनामी नक्सली कमांडर सिद्धू कोड़ा को एसटीएफ (STF) की टीम ने झारखंड की दुमका पुलिस के साथ मिलकर गिरफ्तार कर लिया है।

STF

सिद्धू कोड़ा झारखंड के गिरिडीह और बिहार के जमुई जिले की पुलिस के लिए लंबे समय से सिरदर्द बना हुआ था। एसटीएफ (STF) की टीम ने नक्सली संगठन के स्पेशल एरिया कमिटी सचिव सिद्धू कोड़ा को उसके एक अन्य नक्सली साथी सुशील हेंब्रम के साथ गिरफ्तार किया। हालांकि, पुलिस ने अब तक इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

गिरफ्तार नक्सली की निशानदेही पर हुई कार्रवाई: बताया जा रहा है कि पुलिस ने एक इंसास और एके-47 भी बरामद किया है। बता दें कि सिद्धू कोड़ा पर 11 लाख रुपये का इनाम घोषित था। जानकारी के मुताबिक, गुप्त सूचना के आधार पर बिहार एसटीएफ (STF) की टीम ने दुमका पुलिस के साथ मिलकर झारखंड के दुमका से दुर्दांत नक्सली सिद्धू कोड़ा को बड़े ही नाटकीय ढंग से गिरफ्तार किया। यह भी बताया जा रहा है कि सिद्धू कोड़ा की गिरफ्तारी बिहार के जमुई जिले में तीन दिन पहले गिरफ्तार हुए नक्सली की निशानदेही पर की गई है।

लेवी के लिए पहुंचा था दुमका: जानकारी मिली थी कि सिद्धू कोड़ा लेवी की रकम वसूलने के लिए दुमका जानेवाला है। इस सूचना के आधार पर एसटीएफ (STF) की टीम ने उसे धर दबोचा। झारखंड के संथाल परगना से सटे बिहार के इलाकों में हुई नक्सली वारदातों में उसका हाथ रहा है। लेवी की रकम वसूलने के लिए सिद्धू कोड़ा दुमका पहुंचा था। लेकिन, पुलिस के बिछाए गए जाल में वह फंस गया।

बता दें कि स्पेशल एरिया कमेटी के सचिव सिद्धू कोड़ा का दस्ता बिहार के जमुई और उसकी सीमा से सटे झारखंड के गिरिडीह जिले में काफी सक्रिय रहा है। सिद्धू कोड़ा का दस्ता जमुई जिले के चकाई थाना क्षेत्र के तेलंगा, मंझलाडीह, गुरुड़बाद बरामोरिया, बोंगी, पोझा के इलाकों में सक्रिय है।

दो राज्यों के सीमावर्ती इलाकों में था सक्रिय: इसके अलावा, जिले से सटे झारखंड के सीमावर्ती जिला गिरिडीह के भेलवाघाटी थाना क्षेत्र के पहाड़ी और जंगली इलाकों में भी उसका दस्ता सक्रिय है। दो राज्यों के सीमावर्ती इलाके पहाड़ी और जंगली हैं। ऐसे में वारदात को अंजाम देकर ये नक्सली दूसरे राज्य में जाकर छिप जाते हैं।

यही कारण है कि जोनल कमांडर सिद्धू कोड़ा ने भी इन्हीं इलाकों को चुना था। सिद्धू कोड़ा की गिरफ्तारी से जमुई औक दुमका में नक्सली गतिविधियों पर लगाम लगने की संभावना है। बिहार और दुमका के आस-पास को इलाकों में उसकी सक्रियता को देखते हुए अन्य नक्सलियों के साथ उसके लिंक की पड़ताल की जा रही है।

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