Jharkhand: तमाड़ में नक्सलियों ने पोस्टरबाजी कर हत्या की जिम्मेदारी ली

झारखंड (Jharkhand) के रांची जिले में नक्सलियों (Naxalites) ने फिर से अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की कोशिश की है। जिले के तमाड़ थाना क्षेत्र के पुंडीदीरी से बघई रोड में नक्सलियों ने कई जगह पर पोस्टरबाजी की है।

Naxalites

तमाड़ में पोस्टरबाजी कर नक्सलियों ने हत्या की जिम्मेदारी ली।

झारखंड (Jharkhand) के रांची जिले में नक्सलियों (Naxalites) ने फिर से अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की कोशिश की है। जिले के तमाड़ थाना क्षेत्र के पुंडीदीरी से बघई रोड में नक्सलियों ने कई जगह पर पोस्टरबाजी की है। इस पोस्टरबाजी में बीते 29 जून को हुई हत्या की जिम्मेदारी ली गई है। वहीं पोस्टरबाजी के बाद से ग्रामीणों में दहशत है।

बता दें कि बीते 29 जून को यहां देवानंद मुंडा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जानकारी के मुताबिक, तमाड़ थाना अंतर्गत एदलपीड़ी मोड़ के पास घात लगाकर बैठे अपराधियों ने 29 जून को पूर्व नक्सली और पूर्व एसपीओ (स्पेशल पुलिस अफसर) बघई निवासी देवानंद सिंह मुंडा की गोली मारकर हत्या कर दी थी। वहीं, उसके साथ मौजूद राजीव साहू को गोली मारकर जख्मी कर दिया गया था।

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हत्यारों ने इस घटना को दिनदहाड़े अंजाम दिया था। जानकारी के अनुसार, देवानंद किसी काम से बंगाल के सुईसा निवासी राजीव साहू के साथ तमाड़ आया था। तमाड़ में अपना काम पूरा करने के बाद वह बघई लौट रहा था। इस दौरान, जैसे ही वह एदलपीड़ी मोड़ के पास पहुंचा तो वहां पहले से ही मोटरसाइकिल पर सवार घात लगाए दो अपराधियों ने उसपर ताबड़तोड़ गोलियां चलानी शुरू कर दी।

यह देख देवानंद ने राजीव से तेजी से गाड़ी भगाने को कहा। इसके बाद दोनों एदलपीड़ी गांव की ओर भागे। उनका पीछा करते हुए अपराधी भी पहुंचे और देवानंद पर गोली चला दी। गोली देवानंत के कमर में लगी। इसके बाद देवानंद मोटरसाइकिल से उतरकर पास में किसी की मदद के लिए बढ़ा। लेकिन अपराधियों ने उसे पकड़ लिया और फिर उसके सर पर चार-पांच गोली मार दी। जिससे मौके पर ही देवानंद की मौत हो गई।

बता दें कि देवानंद पहले नक्सली (Naxali) था। बाद में वह मुख्यधारा में लौट कर पुलिस के विभाग में एसपीओ बन गया था। वह पुलिस के लिए मुखबिरी का काम करता था। उसके भाई अजय मुंडा के मुताबिक, वह पुलिस के लिए खबरी का काम करता था, जो माओवादियों को खटकने लगा था। इसी वजह से उसकी हत्या की गई।

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