झारखंड: पुलिस ने दस नक्सलियों के खिलाफ दर्ज किया मामला, सर्च अभियान तेज

झारखंड (Jharkhand) के पलामू जिले के पीपरा थाना क्षेत्र में 13 गाड़ियों में आग लगाने और विस्फोट की घटना में 10 नक्सलियों (Naxals) के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है।

Naxals

झारखंड (Jharkhand) में बड़े इनामी नक्सलियों (Naxals) पर जबरदस्त शिकंजा कसा गया है।

झारखंड (Jharkhand) के पलामू जिले के पीपरा थाना क्षेत्र में 13 गाड़ियों में आग लगाने और विस्फोट की घटना में 10 नक्सलियों (Naxals) के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है। बता दें कि एनएच-98 के चपरवार स्थित सिद्धार्थ स्टोन क्रशर प्लांट में नक्सलियों ने शुक्रवार (8 मई) की देर रात आगजनी व विस्फोट की घटना को अंजाम दिया था। जिसे लेकर 10 अज्ञात नक्सलियों (Naxalites) पर मामला दर्ज किया गया है।

इस मामले में माइंस मालिक ने पिपरा थाना को आवेदन दिया था, जिसमें 10 अज्ञात नक्सलियों पर हमला करने का आरोप लगाया गया है। हालांकि, माइंस संचालक की तरफ से किसी भी नक्सली कमांडर (Naxali Commander) का नाम नहीं दिया गया है। आवेदन में इस घटना को लेवी के लिए अंजाम देने का आरोप लगाया गया है।

Corona Virus: भारत में संक्रमितों का आंकड़ा पहुंचा 67 हजार के पार, 2,206 लोगों की मौत

जानकारी के अनुसार, पिपरा में हुई वाहनों में आगजनी और विस्फोट की घटना को अंजाम नक्सली कमांडर नितेश यादव, अभिजीत यादव और संजय गोदराम के दस्ते ने दिया है। बता दें कि नक्सली नितेश पर 10 लाख और अभिजीत पर पांच लाख का इनाम है। पलामू पुलिस अभिजीत यादव की संपत्ति पहले ही जब्त कर चुकी है।

नक्सलियों के खिलाफ झारंखड और बिहार राज्य पुलिस (Police) का संयुक्त अभियान शुरू कर दिया गया है। इस ऑपरेशन में सीआरपीएफ (CRPF) भी शामिल है। जानकारी के अनुसार, पलामू पुलिस लगातार गया और औरंगाबाद पुलिस के संपर्क में है। मिले इनपुट के आधार पर छापेमारी की जा रही है।

भारतीय रेलवे ने की 12 मई से ट्रेन सेवा शुरू करने की तैयारी, आज शाम से शुरू होगी बुकिंग

बता दें कि छकरबंधा नक्सलियों का सबसे सुरक्षित ठिकाना रहा है। इस इलाके में नक्सलियों के पोलित ब्यूरो सदस्य पीके मिश्रा, सेंट्रल कमिटी सदस्त संदीप यादव समेत कई टॉप माओवादियों का ठिकाना है। औरंगाबाद-गया जिले की सीमा पर स्थित सोनदाहा, डुमरीनाला, लंगुराही, पचरुखिया, बरहा, छकरबंधा का जंगल भाकपा माओवादी नक्सलियों (Naxals) के लिए सुरक्षित पनाहगाह माना जाता है।

इन जंगलों में सर्च ऑपरेशन पर जाने वाले जवानों के अनुसार, जंगल की स्थिति छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा से खतरनाक है। करीब तीस किमी में फैले इस जंगल में नक्सली (Naxali) बंकर बनाकर रखते हैं। स्टोन माइंस हमले में शामिल नक्सली कमांडर नितेश यादव, संजय गोदराम, अभिजीत आदि छकरबंधा के इलाके से ही आए थे। पलामू में इसी इलाके से ही नक्सली गतिविधि संचालित होती है।

झारखंड: पलामू पुलिस ने कुख्यात नक्सली संदीप यादव को साथियों के साथ दबोचा, लेवी के लिए दे रहा था धमकी

प्रतिबंधित संगठन भाकपा माओवादी के नक्सलियों ने इस साल पिपरा थाना के चपरवार में अपनी पहली बड़ी उपस्थिति दर्ज कराते हुए क्रशर प्लांट में आगजनी की है। इससे पहले, नक्सलियों (Naxals) ने नवंबर, 2019 में पिपरा बाजार में सरेशाम गोलीबारी कर झामुमो नेता मोहन गुप्ता और एक फल विक्रेता सूरज सोनी की गोली मार कर हत्या कर दी थी।

इसके अलाव माओवादी संगटन ने साल 2019 के लोकसभा चुनावों के दौरान 26 अप्रैल को हरिहरगंज मुख्य बाजार में स्थित भाजपा के चुनावी कार्यालय को बम विस्फोट से उड़ा दिया था। वहीं, साल 2019 के जुलाई महीने में बटाने नदी पर बने पुल को उड़ाने का प्रयास भी किया था। इसके अलावा, विधानसभा चुनावों में भी नक्सलियों (Naxals) ने अपनी सक्रियता दिखाने की कोशिश की थी।